उमा भारती बोलीं- आरक्षण कोई माई का लाल नहीं छीन सकता

भोपाल। राजधानी के जंबूरी मैदान में मंगलवार को महान स्वतंत्रता सेनानी राजा हिरदेशाह लोधी की पुण्यतिथि पर आयोजित शौर्य यात्रा एक बड़े शक्ति प्रदर्शन में बदल गई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समाज के गौरवशाली इतिहास को सहेजने के लिए बड़ी घोषणाएं कीं, वहीं पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने आरक्षण और सामाजिक समानता को लेकर हुंकार भरी।
पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने आरक्षण के मुद्दे पर दोटूक कहा कि देश में सामाजिक बराबरी के लिए आरक्षण अनिवार्य है। उन्होंने मंच से कहा जब तक राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और चीफ जस्टिस के परिवार के लोग एक साथ सरकारी स्कूलों में नहीं पढ़ेंगे, तब तक आरक्षण कोई माई का लाल नहीं छीन सकता। उमा भारती ने आजादी की तीसरी लड़ाई समानता के लिए लडऩे का आह्वान किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि भारत एक दिन पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर को वापस लेकर रहेगा और पाकिस्तान को घुटनों पर बैठकर माफी मांगनी पड़ेगी।
सीएम का ऐलान, पाठ्यक्रम में शामिल होंगे राजा हिरदेशाह
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राजा हिरदेशाह को नर्मदा पुत्र और नर्मदा टाइगर बताते हुए कहा कि उनके संघर्षों ने अंग्रेजों को भी खौफ में डाल दिया था। सीएम ने घोषणा की कि राजा हिरदेशाह के जीवन पर विस्तृत शोध कराया जाएगा और उनके गौरवशाली इतिहास को शिक्षा विभाग के माध्यम से स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा। डॉ. यादव ने कहा ऐसे महापुरुषों की वजह से ही आज हम गर्व से सिर उठाकर चल रहे हैं, इतिहासकारों को उनके योगदान पर पुनर्विचार करने की जरूरत है।
सत्ता और पद का मोह नहीं
पंचायत मंत्री प्रहलाद पटेल ने समाज को शिक्षित और संस्कारवान बनने की अपील की। उन्होंने कहा कि उन्हें धन या पद की चाह नहीं है, लेकिन वे जीवन में किसी भी प्रकार का कलंक स्वीकार नहीं करेंगे। उन्होंने युवाओं में बढ़ते नशे और बेरोजगारी के मुद्दे पर चिंता जताते हुए कहा कि बड़े लक्ष्य के लिए धैर्य रखना जरूरी है।
लोधी समाज का बड़ा राजनीतिक दबाव
सम्मेलन के दौरान पिछोर विधायक प्रीतम लोधी ने बड़ी मांग उठाते हुए कहा कि पूर्व में समाज के दो-दो मुख्यमंत्री हुआ करते थे, लेकिन आज शून्य हैं। उन्होंने मांग की कि भारत में कम से कम एक लोधी मुख्यमंत्री होना चाहिए। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह को भारत रत्न देने की भी वकालत की।
कार्यक्रम में पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र लोधी, जालम सिंह पटेल, विधायक प्रहलाद लोधी, अनुभा मुंजारे, सांसद राहुल सिंह लोधी सहित प्रदेशभर से हजारों की संख्या में समाजजन और वीरांगनाएं काष्ठ की तलवारें लेकर पहुंचीं।



