इछावर की शिथिल सियासत में पूर्व विधायक के तेवरों ने फूंकी जान

सीहोर। इछावर विधानसभा क्षेत्र की जो राजनीति पिछले कुछ समय से शांत और शिथिल नजर आ रही थी, उसे पूर्व विधायक शैलेंद्र पटेल के ताजा तेवरों ने फिर से गरमा दिया है। हालांकि प्रदेश में अगले विधानसभा चुनावों में अभी करीब ढाई साल का लंबा समय शेष है, लेकिन राजनीति के जानकारों का साफ कहना है कि कांग्रेस के इस हल्ला बोल आंदोलन के बाद अब इछावर की सियासत ठंडी पडऩे वाली नहीं है। वर्तमान विधायक व प्रदेश सरकार के राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा द्वारा पहले ही चुनावी राजनीति से संन्यास की घोषणा किए जाने के बाद पूर्व विधायक पटेल के इस आक्रामक रुख ने क्षेत्र में नए सियासी समीकरणों को हवा दे दी है।
दरअसल गुरुवार को इछावर नगर परिषद में चरमराई सफाई व्यवस्था और अधूरे निर्माण कार्यों को लेकर कांग्रेस ने एक अभूतपूर्व और उग्र प्रदर्शन किया। वार्ड 15 में नाले की बदहाली देखकर पूर्व विधायक शैलेंद्र पटेल खुद को रोक नहीं पाए और घुटने तक गहरे बदबूदार कीचड़ और गंदे पानी में उतर गए। उन्होंने खुद फावड़ा उठाकर नाले से सिल्ट और कचरा साफ करना शुरू किया। पूर्व विधायक को जमीन पर उतरकर इस तरह मोर्चा संभालते देख सैकड़ों कार्यकर्ता और स्थानीय लोग भी नाले की सफाई में कूद पड़े। विरोध का अनोखा तरीका अपनाते हुए कांग्रेसियों ने नाले से निकाली गई पूरी गंदगी को एक वाहन में भरा और सीधे नगर परिषद कार्यालय के मुख्य गेट पर ले जाकर डंप कर दिया।
जिला अध्यक्ष गुजराती ने दी चेतावनी
प्रदर्शन में विशेष रूप से पहुंचे जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजीव गुजराती ने स्थानीय प्रशासन और नगर परिषद को आड़े हाथों लेते हुए तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा इछावर नगर परिषद भ्रष्टाचार और लापरवाही का केंद्र बन चुकी है। हल्की सी प्री-मानसून बारिश में ही लोगों के घरों में गंदा पानी घुस रहा है और जनता बीमारियों के साये में जीने को मजबूर है। यदि जल्द ही सफाई व्यवस्था दुरुस्त नहीं हुई तो कांग्रेस प्रशासन की ईंट से ईंट बजा देगी और इससे भी व्यापक आंदोलन करेगी।
अधिकारी जनता के पैसे का हिसाब दें
सफाई के बाद नगर परिषद के अधिकारियों को चेताते हुए पूर्व विधायक शैलेंद्र पटेल ने कहा कि अधिकारी यह न भूलें कि वे जनता के टैक्स के पैसे से वेतन पाते हैं। उनका काम जनता को परेशान करना नहीं, बल्कि सुविधाएं देना है। उन्होंने दो टूक शब्दों में मांग की कि शहर के सभी लटके हुए निर्माण कार्य समय सीमा में पूरे किए जाएं और नालों की नियमित सफाई हो।
क्यों गरमाई इछावर की राजनीति
मंत्री करण सिंह वर्मा का संन्यास: भाजपा के कद्दावर नेता और राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा के चुनावी संन्यास की घोषणा के बाद से ही क्षेत्र में खालीपन की स्थिति बन रही थी।
ढाई साल पहले ही फील्डिंग: विधानसभा चुनाव दूर होने के बावजूद शैलेंद्र पटेल ने जनता के बुनियादी मुद्दों बिजली, पानी, जलजमाव को उठाकर अपनी मजबूत दावेदारी और सक्रियता का अहसास करा दिया है।
एंटी.इन्कंबेंसी को भुनाने की कोशिश: वार्ड 15 के पार्षद जुनैद खान ने बताया कि कई बार लिखित ज्ञापन देने के बाद भी परिषद ने कोई सुनवाई नहीं की।



