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कर्ज में डूबी मप्र सरकार खरीदेगी 235 करोड़ का लग्जरी विमान, किराए पर फूंक चुके हैं 290 करोड़

भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार अपने विमानन बेड़े को आधुनिक बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। राज्य सरकार आगामी अगस्त में कनाडा निर्मित बॉम्बार्डियर चैलेंजर 3500 बिजनेस जेट को अपने बेड़े में शामिल करेगी। 235 करोड़ रुपए की भारी-भरकम लागत से खरीदा जा रहा यह सुपर-मिड साइज जेट तकनीकी रूप से गुजरात सरकार के चैलेंजर 650 विमान से भी अधिक एडवांस माना जा रहा है। विमान को कनाडा से भारत लाने के लिए नागर विमानन महानिदेशालय की सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं। इस जेट को उड़ाने के लिए राज्य के दो पायलट जुलाई के आखिरी हफ्ते में विशेष प्रशिक्षण के लिए अमेरिका रवाना होंगे।
दरअसल मई 2021 में कोरोना काल के दौरान रेमडेसिविर दवाइयों की सप्लाई करते समय तत्कालीन कमलनाथ सरकार द्वारा 62 करोड़ में खरीदा गया बीचक्राफ्ट किंग एयर बी.200जीटी विमान ग्वालियर एयरबेस पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, तब से लेकर अब तक राज्य सरकार के पास खुद का कोई कार्यशील फिक्स्ड विंग विमान नहीं है। वर्तमान में सरकार के पास केवल एक हेलिकॉप्टर है।
विमान न होने के कारण मुख्यमंत्री, राज्यपाल और अन्य वीआईपी दौरों के लिए सरकार को चार्टर विमान किराए पर लेने पड़ रहे हैं। विधानसभा में पेश आंकड़ों के अनुसार जनवरी 2021 से नवंबर 2025 के बीच साढ़े चार सालों में वीआईपी यात्राओं के किराए पर सरकार 290 करोड़ रुपए फंूक चुकी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कार्यकाल में तो यह खर्च औसतन 21 लाख रुपए प्रतिदिन तक पहुंच गया है। एक तरफ जहां राज्य पर 4.64 लाख करोड़ रुपए का कर्ज है और सालाना 27 हजार करोड़ रुपए सिर्फ ब्याज चुकाने में जा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ सरकार का तर्क है कि इस भारी-भरकम दैनिक किराए को रोकने के लिए ही नया जेट खरीदा जा रहा है।
2 साल की प्रक्रिया के बाद कैबिनेट से मिली मंजूरी
नया विमान खरीदने की कवायद करीब दो साल पहले शुरू हुई थी। शुरुआती चरण में टेक्सट्रोन कंपनी ने 145 करोड़ रुपए का प्रस्ताव दिया था, लेकिन बाद में कीमत बढ़ाकर 208 करोड़ रुपए करने के कारण सरकार ने वह प्रक्रिया रद्द कर दी। इसके बाद 10 जुलाई 2024 को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में बॉम्बार्डियर चैलेंजर 3500 खरीदने के प्रस्ताव को हरी झंडी दी गई। सितंबर 2024 में तकनीकी व वित्तीय प्रक्रियाएं आगे बढ़ीं और अब यह विमान अगस्त में प्रदेश आ जाएगा।
क्या हैं इस हाई टेक बिजनेस जेट की विशेषताएं
6297 किमी की नॉन स्टॉप रेंज: यह विमान एक बार में इतनी लंबी दूरी तय कर सकता है कि भोपाल से सीधे जापान के टोक्यो तक बिना रीफ्यूलिंग के उड़ान भरी जा सकेगी। इसके अलावा दिल्ली, बेंगलुरु, चेन्नई, कोच्चि और गुवाहाटी जैसे घरेलू शहरों के लिए भी यह बेहद सुगम होगा।
प्रीमियम और वॉयस कंट्रोल केबिन: विमान में बॉम्बार्डियर की पेटेंटेड सीटें लगी हैं, जो दुनिया की सबसे आरामदायक बिजनेस क्लास सीटें मानी जाती हैं। इसके साथ ही केबिन पूरी तरह वॉयस कंट्रोल है, यानी यात्री अपनी आवाज से लाइटए तापमान और एंटरटेनमेंट सिस्टम को नियंत्रित कर सकेंगे।
शानदार परफॉर्मेंस और क्षमता: 870 किमीध्घंटा की अधिकतम रफ्तार से उडऩे वाला यह जेट 45000 फीट की ऊंचाई तक जा सकता है, जिससे खराब मौसम या टर्बुलेंस का असर यात्रियों पर नहीं पड़ता। इसके 6 फीट ऊंचे केबिन में एक छोटा किचन, निजी शौचालय और 8 से 10 यात्रियों के बैठने की शानदार व्यवस्था है।
प्रदेश की इन 10 हवाई पट्टियों पर नहीं उतर पाएगा यह जेट
इस आधुनिक विमान के संचालन के लिए कम से कम 5500 फीट लंबे रनवे की आवश्यकता होगी। रनवे की लंबाई कम होने के कारण यह विमान मध्य प्रदेश के सभी शहरों में नहीं उतर सकेगा।
यहां उतर सकेगा
यह विमान प्रमुख एयरपोर्ट भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, खजुराहो के साथ-साथ दतिया, सिवनी, मंदसौर, नीमच, छिंदवाड़ा, रीवा, सतना और मंडला की हवाई पट्टियों पर इसका संचालन संभव होगा।
यहां लैंडिंग असंभव
रनवे छोटा होने की वजह से यह विमान उज्जैन, गुना, खरगोन, नागदा, रतलाम, खंडवा, सागर, सीधी, मैहर और टेकनपुर की हवाई पट्टियों पर लैंड नहीं कर पाएगा।

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