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भोपाल में रात भर सडक़ पर सोए अन्नदाता, आज फिर हल्लाबोल

भोपाल. अपनी मांगों को लेकर राजधानी भोपाल में आंदोलन कर रहे प्रदेश भर के किसानों का आक्रोश चरम पर पहुंच गया है. आंदोलन के तीसरे दिन बुधवार सुबह, रात भर सडक़ों पर खुले आसमान के नीचे सोने के बाद किसानों ने एक बार फिर मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच किया. करीब दो हजार किसान 100 प्रतिशत मूंग की सरकारी खरीदी और खाद वितरण की ई-टोकन व्यवस्था में सुधार की मांग पर अड़े हुए हैं. किसानों के उग्र रुख को देखते हुए पुलिस और प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए हैं.
बता दें मुख्यमंत्री आवास घेरने आगे बढ़ रहे किसानों के जत्थे को रोकने के लिए पुलिस-प्रशासन ने अभूतपूर्व बंदोबस्त किए हैं. वीर सावरकर सेतु के पास पुलिस ने बेरिकेड्स की तीन लेयर्स के साथ-साथ बीच सडक़ पर दर्जनों प्राइवेट बसों को आड़ा खड़ा करके एक मजबूत दीवार बना दी है. मौके पर भारी पुलिस बल के साथ वाटर कैनन की गाडिय़ां तैनात की गई हैं. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए किसानों को रोकने के लिए यह अंतिम पॉइंट तय किया गया है.
खुले आसमान के नीचे बीती रात, हौसले बुलंद
अपनी फसलों के उचित मूल्य की लड़ाई लड़ रहे करीब दो हजार किसान मंगलवार की पूरी रात होशंगाबाद रोड की ठंडी और पथरीली सडक़ों पर डटे रहे. चिलचिलाती धूप और सडक़ों की कठिनाइयों के बावजूद अन्नदाताओं के हौसले पस्त नहीं हुए. सुबह होते ही किसानों ने फिर हुंकार भरी और सीएम हाउस का घेराव करने के लिए आगे बढ़ गए.
प्रशासन से वार्ता बेनतीजा, एक हफ्ते का प्रस्ताव खारिज
इससे पहले मंगलवार देर रात किसान प्रतिनिधियों और जिला प्रशासन के बीच करीब एक घंटे तक उच्चस्तरीय बैठक चली. बैठक में अधिकारियों ने आंदोलन समाप्त करने और सरकार को निर्णय लेने के लिए एक सप्ताह का समय देने का प्रस्ताव रखा. हालांकि किसान संगठनों ने इस प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया. संयुक्त किसान मोर्चा और किसान स्वराज संगठन के प्रतिनिधियों का स्पष्ट कहना है कि जब तक 100 प्रतिशत मूंग खरीदी और ई-टोकन व्यवस्था को समाप्त करने का लिखित आदेश जारी नहीं होता, तब तक यह आंदोलन अनिश्चितकाल के लिए जारी रहेगा. केवल आश्वासनों पर आंदोलन समाप्त नहीं होगा.
आम जनता परेशान, स्कूलों की छुट्टी और 3 किमी लंबा जाम
किसानों के इस प्रदर्शन और पुलिस की नाकाबंदी का सबसे बड़ा खामियाजा आम शहरवासियों को भुगतना पड़ रहा है। नर्मदापुरम रोड पूरी तरह ब्लॉक होने के कारण सुरक्षा के मद्देनजर आसपास के सभी प्रमुख निजी व सरकारी स्कूलों में छुट्टियां घोषित कर दी गईं. पुलिस ने आरआरएल तिराहा और 11 मील से यातायात को वैकल्पिक मार्गों पर डायवर्ट किया है. डायवर्जन के कारण कटारा हिल्स, एम्स चौराहा, बंसल प्लाजा और होशंगाबाद रोड पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं. कटारा हिल्स रोड पर करीब 3 किलोमीटर लंबा ट्रैफिक जाम देखा गया, जहां गाडिय़ां रेंग-रेंगकर चलती रहीं.

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