11 की मौत, 35 जिंदगी-मौत से जूझ रहे, एक्शन में सीएम मोहन यादव

भोपाल। मध्यप्रदेश के सागर जिले की बंडा तहसील के ग्राम गोगरा खुर्द, नौरोजा और पाटन में जहरीली शराब ने ऐसा तांडव मचाया है कि हंसते-खेलते गांव मातम के सन्नाटे में डूब गए हैं। शराब की घूंट हलक से नीचे उतरते ही लोगों की तबीयत बिगडऩे लगी और महज आधे घंटे के भीतर सांसें थमने लगीं। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 11 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 35 से अधिक लोग अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे हैं। कई मरीजों के शरीर नीले पड़ चुके हैं।
शुरुआती पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मिथाइल अल्कोहल यानी सीधे तौर पर जानलेवा जहर की पुष्टि हुई है। जांच में सामने आया है कि इस जहरीली शराब की सप्लाई पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश के ललितपुर से की गई थी। पुलिस और प्रशासन की टीम ने ललितपुर से जुड़े नेटवर्क को खंगालना शुरू कर दिया है और कई संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
सीएम के निर्देश पर बड़ा प्रशासनिक एक्शन
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सख्त रुख अपनाया है। सीएम के निर्देश पर राज्य शासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर गाज गिराई है… कीर्ति दुबे सहायक आयुक्त आबकारी सागर, दिलीप खंडाते सहायक जिला आबकारी अधिकारी सागर, रोशनी उरेती आबकारी उप.निरीक्षक वृत्त बंडा को सस्पेंड कर दिया है, जबकि उपायुक्त एवं संभागीय फ्लाइंग स्क्वाड प्रभारी नीरजा श्रीवास्तव को मुख्यालय ग्वालियर अटैच कर दिया गया है। एहतियात के तौर पर क्षेत्र की 6 शराब दुकानों को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया है।
सडक़ों पर फूटा जनाक्रोश, गरमाई सियासत
इस खौफनाक हादसे के बाद बंडा के बरा चौराहे पर स्थानीय लोगों और विपक्ष ने चक्काजाम कर कड़ा विरोध जताया। घटना को लेकर प्रदेश में सियासत भी गरमा गई है। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए सवाल उठाया कि आखिर किसके संरक्षण में यह जहरीला माफिया बेखौफ फल फूल रहा है।
प्रशासन की अपील
सागर कलेक्टर और प्रशासनिक अमला लगातार प्रभावित गांवों का दौरा कर रहा है। प्रशासन ने क्षेत्रवासियों से अपील की है कि जिन लोगों ने भी इस शराब का सेवन किया है और उन्हें उल्टी, सिरदर्द या शरीर ठंडा पडऩे जैसे लक्षण महसूस हो रहे हैंए वे बिना देरी किए तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर अपनी जांच करवाएं।



