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वृंदावन बनेगा मध्य प्रदेश, 81 प्रमुख मंदिरों से लेकर स्कूलों तक मनेगा मोहन सरकार का महा-उत्सव

भोपाल. यशोदा के ‘नंदलाल’ और देवकी के ‘गोपाल’ के स्वागत में इस बार पूरा मध्य प्रदेश कृष्णमय होने जा रहा है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के एक बड़े विजन के साथ इस साल जन्माष्टमी सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि एक ग्रैंड ‘सांस्कृतिक महोत्सव’ का रूप लेने वाली है.
बता दें इस जन्माष्टमी पर कुछ ऐसा होने जा रहा है जो मध्य प्रदेश के इतिहास में पहले कभी नहीं हुआ. देश में पहली बार सीएम हाउस में एक साथ 1000 से ज्यादा नन्हे बाल गोपाल अपनी माखन-मिश्री वाली मुस्कान से रौनक बिखेरेंगे.
जी हां, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर इस बार जन्माष्टमी को लेकर प्रदेश भर में बड़े पैमाने पर तैयारियां की गई हैं. 4 सितंबर को भोपाल स्थित सीएम हाउस में 1000 से ज्यादा बच्चे भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप में सज-धजकर अपने माता-पिता के साथ शामिल होंगे. मटकी फोड़, माखन-मिश्री के भोग और लोकनृत्यों की गूंज से मुख्यमंत्री निवास पूरी तरह वृंदावन के रंग में रंगा नजर आएगा.
बता दें सीएम मोहन यादव की पहल पर सिर्फ भोपाल ही नहीं, बल्कि प्रदेश के 81 प्रमुख कृष्ण मंदिरों में भव्य भजन-कीर्तन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होंगी. इसके लिए श्रीकृष्ण पाथे, न्यास के जरिए हर जिले को 1 लाख रुपये की विशेष राशि भी दी गई है. जानापाव से लेकर उज्जैन के सांदीपनि आश्रम तक और पन्ना से लेकर अमझेरा तक, पूरे प्रदेश में रासलीला समारोह की धूम रहेगी.
बता दें गौ-सेवा हो, शिक्षा हो या हमारी गौरवशाली संस्कृति मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव लगातार इन परंपराओं को मुख्यधारा में लाने का काम कर रहे हैं. 4 सितंबर को जब 1,000 से ज्यादा बाल गोपाल सीएम हाउस में अपनी लीलाएं दिखाएंगे तो नजारा देखने लायक होगा तो आप भी तैयार हो जाइए मध्य प्रदेश के इस भव्य कृष्ण जन्मोत्सव का हिस्सा बनने के लिए.

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