भोपाल में किसानों का आंदोलन तीसरे दिन भी जारी, सावरकर सेतु पर बैरिकेडिंग

भोपाल. समर्थन मूल्य पर 100 प्रतिशत मूंग खरीदी, एमएसपी की कानूनी गारंटी और ई.टोकन सिस्टम में सुधार जैसी विभिन्न मांगों को लेकर राजधानी भोपाल में किसानों का महापड़ाव और प्रदर्शन बुधवार को तीसरे दिन भी जारी रहा. मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच करने का प्रयास कर रहे हजारों किसानों को पुलिस ने एम्प्री के पास वीर सावरकर सेतु पर रोक दिया.
किसानों के पैदल मार्च को रोकने के लिए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। पुलिस ने बसों की चार लेयर बनाकर सडक़ पर मजबूत बैरिकेडिंग की. इस दौरान आक्रोशित किसान बैरिकेड्स पर चढ़ गए, जिन्हें पुलिस अधिकारियों ने समझाइश देकर नीचे उतारा. इसके बाद किसान वहीं सडक़ पर बैठकर सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करने लगे.
अर्धनग्न होकर विरोध, सडक़ पर बनी दाल-बाटी
आंदोलन के तीसरे दिन किसानों ने विरोध का अनोखा तरीका अपनाया. मांगें पूरी न होने से नाराज कई किसानों ने अपनी कमीज और बनियान उतारकर अर्धनग्न अवस्था में प्रदर्शन किया. किसानों का कहना था कि बढ़ती महंगाई के बावजूद उन्हें फसलों का वाजिब दाम नहीं मिल रहा है और उनकी लंबे समय से अनदेखी की जा रही है. प्रदर्शन स्थल पर किसानों की दिनचर्या भी चलती रही. रातभर जागने के बाद कई किसान सडक़ किनारे ही सुस्ताते नजर आए. वहीं दोपहर के भोजन के लिए सडक़ पर ही चूल्हे जलाकर गर्मा-गर्म दाल-बाटी बनाई गई. इसके साथ ही सरकार की सद्बुद्धिश् के लिए धरना स्थल पर हवन-यज्ञ भी किया गया.
सीएम ने गठित की कमेटी, आज होगी चर्चा
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सरकार किसानों के मुद्दों पर सकारात्मक संवाद के लिए तैयार है। उन्होंने किसानों से बातचीत के लिए एक 5 सदस्यीय उच्चस्तरीय कमेटी का गठन किया है।
कमेटी में शामिल सदस्य
एंदल सिंह कंसाना, कृषि मंत्री
राकेश सिंह, लोक निर्माण मंत्री
कृष्णा गौर, मंत्री
विश्वास सारंग, मंत्री
रामेश्वर शर्मा, विधायक
कृषि मंत्री एंदल सिंह कंसाना ने बताया कि यह कमेटी आज भारतीय मजदूर संघ और विभिन्न किसान संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर उनकी मांगों और सुझावों पर विस्तार से चर्चा करेगी. मुख्यमंत्री ने यह भी अपील की है कि आंदोलन के दौरान आम जनता को असुविधा न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए.
पीसीसी चीफ ने साधा निशाना
इधर इस आंदोलन पर पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने निशाना साधते हुए सोशल मीडिया पर लिखा – मप्र के किसान भाईयों, नर्मदापुरम के बरखेड़ा से शुरू हुई किसान क्रांति पैदल यात्रा ओबेदुल्लागंज, मंडीदीप और 11 मील होते हुए भोपाल पहुंच गई है. पांच हजार से ज्यादा किसान परिवार राजधानी की सडक़ पर डटे हैं. किसान लड़ाके आज मुख्यमंत्री निवास की ओर कूच करेंगे.
मप्र के एक-एक, नागरिक को पता होना चाहिए, हमारे किसान परिवार कह रहे हैं कि
– मूंग की 100 प्रतिशत खरीदी हो
– एमएसपी की कानूनी गारंटी दें
– खाद की पर्याप्त उपलब्धता हो,
– अमेरिका से ट्रेड डील रद्द की जाए
– किसानों को दी मोदी गारंटी पूरी करें
पटवारी ने लिखा सीएम डॉ. मोहन यादव जी, आदम में आ चुके अहंकार छोड़े, यह याद रखें ये किसान के बेटे हैं. ये आपकी सत्ता को जलाकर राख कर देंगे.



