लेडी माइनिंग अफसर के सिंघम अवतार से माफिया में हडक़ंप, 5 जेसीबी जब्त

सीहोर। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के सख्त निर्देशों के बाद भी क्षेत्र में अवैध रेत खनन का काला कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा है। मानसून सीजन के दौरान नदियों से रेत निकालने पर पूरी तरह रोक लगी हुई है, इसके बावजूद खनन माफिया बेखौफ होकर नर्मदा नदी का सीना छलनी करने में जुटे थे। सोमवार को खनन विभाग ने माफियाओं के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया।
मामला चौरसाखेड़ी स्थित नर्मदा नदी घाट का है। खनन विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि एनजीटी के नियमों को ताक पर रखकर चौरसाखेड़ी घाट पर भारी जेसीबी के जरिए नदी के बीचों-बीच से धड़ल्ले से रेत निकाली जा रही है। सूचना की पुष्टि होते ही माइनिंग अफसर खुशबू वर्मा बिना कोई वक्त गंवाए अपने दल-बल के साथ सीधे मौके पर पहुंचीं। अधिकारी के इस अचानक और सिंघम अवतार में हुए छापे से मौके पर हडक़ंप मच गया।
भागने का मौका तक नहीं मिला
माइनिंग अफसर के कड़े तेवरों और अचानक हुई घेराबंदी के कारण मौके पर मौजूद अवैध खननकर्ताओं को संभलने का मौका तक नहीं मिला। पुलिस और खनन विभाग की टीम ने घेराबंदी कर मौके से रेत का अवैध खनन कर रही 5 बड़ी जेसीबी मशीनों को जब्त कर लिया। जब्त की गई मशीनों को सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया है और संबंधित वाहन मालिकों व खनन माफियाओं के खिलाफ माइनिंग एक्ट के तहत मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
अवैध काम करने वालों को सख्त चेतावनी
कार्रवाई के बाद माइनिंग अफसर खुशबू वर्मा ने में चेतावनी देते हुए कहा एनजीटी के नियमों का उल्लंघन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, जो लोग यह सोच रहे हैं कि वे छिपकर या नियमों को तोडक़र अवैध उत्खनन कर लेंगे, वे गलतफहमी में हैं। क्षेत्र में कोई भी अवैध काम नहीं चलने दिया जाएगा और आगे भी ऐसी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।



