पॉलिटिकल तड़कामध्यप्रदेश

कभी चंदेरी से बिलकिसगंज के नेताओं की बोलती थी तूती…

सीहोर। इछावर विधानसभा क्षेत्र और सीहोर जिले की ग्रामीण राजनीति में एक समय अपनी उंगलियों पर सत्ता का रुख मोड़ देने वाले स्थानीय नेता आज खुद हाशिये पर खड़े हैं। चंदेरी-पिपलियामीरा से लेकर बिलकिसगंज तक फैला यह पूरा क्षेत्र कभी जिले की सियासत का सबसे बड़ा पॉवर सेंटर हुआ करता था।
लेकिन आज आलम यह है कि एकाध नेताओं को छोड़ दिया जाए तो यहां के बड़े-बड़े राजनीतिक चेहरे पूरी तरह गायब नजर आ रहे हैं। अब तक राजनीतिक गलियारों में खुलकर यह चर्चा होने लगी है कि नए समीकरण बनने के बाद पुराने दिग्गजों की पूछ-परख लगभग खत्म हो गई है, जिसके चलते वे पूरी तरह खामोश बैठ गए हैं।
मंडी से जिला पंचायत तक चलता था सिक्का
एक दौर था जब कृषि उपज मंडी, जनपद पंचायत और जिला पंचायत के चुनावों में प्रत्याशी कौन होगा, इसका फैसला चंदेरी से बिलकिसगंज बेल्ट के नेता ही करते थे। इन नेताओं की सहमति के बिना जिले की ग्रामीण पंचायतों में राजनीतिक गोटियां बैठाना नामुमकिन था।
पूछ-परख बंद हुई तो गायब हो गए दिग्गज
लेकिन अब हवा का रुख बदल चुका है। स्थानीय राजनीति के जो चेहरे कभी हर छोटे-बड़े मंच पर नजर आते थे, वे अब राजनीतिक परिदृश्य से लगभग विलुप्त हो चुके हैं। जानकारों की मानें तो बदले दौर के साथ गुटबाजी और नए चेहरों को तरजीह दिए जाने के कारण इन पुराने क्षत्रपों को किनारे कर दिया गया है। जब तवज्जो मिलना बंद हो गई, तो कई दिग्गजों ने खुद को सियासी गतिविधियों और बैठकों से पूरी तरह दूर कर लिया। आज स्थिति यह है कि क्षेत्र की चौपालों से राजनीतिक गर्माहट गायब है।
सन्नाटे के पीछे पक रही सियासी खिचड़ी
भले ही नेता और जनता फिलहाल शांत दिख रहे हों, लेकिन इस सन्नाटे को बेफिक्री नहीं माना जा सकता। इछावर विधानसभा चुनाव में भले ही अभी लगभग ढाई साल का वक्त हो, लेकिन चंदेरी-पिपलियामीरा से बिलकिसगंज का यह बेल्ट ही इछावर का किंगमेकर है। इतिहास गवाह है कि यह क्षेत्र जिस नेता के साथ खड़ा होता है, इछावर के सिंहासन पर वही काबिज होता है। ऐसे में नेताओं की यह अनदेखी और उनकी खामोशी किसी बड़े राजनीतिक तूफान की पूर्व-आहट हो सकती है।
किस करवट बैठेगा इछावर का ऊंट
अब सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि क्या आगामी चुनावों में अपनी उपेक्षा से नाराज ये पुराने दिग्गज चुपचाप बैठेंगे या फिर ऐन वक्त पर किसी नए सियासी समीकरण को जन्म देकर पार्टियों का खेल बिगाड़ेंगे, आने वाला वक्त बताएगा कि चंदेरी से बिलकिसगंज का यह शांत पड़ा राजनीतिक मैदान इछावर की सियासत में क्या नया मोड़ लाता है।

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!