एमपी की महिला कमिश्रर ने सिर मुंडवाया…

भोपाल। इंसान की असली पहचान उसकी बाहरी भेष-भूषा या सुंदरता से नहीं, बल्कि उसके भीतर छिपी करुणा, प्रेम और व्यक्तित्व से होती है। इस बात को मध्य प्रदेश के सिंगरौली नगर निगम की आयुक्त सविता प्रधान ने न केवल साबित किया है, बल्कि संवेदनशीलता की एक ऐसी मिसाल कायम की है जो हर किसी का दिल छू रही है। कैंसर से जूझ रही एक मासूम बच्ची का अकेलापन दूर करने और उसके चेहरे पर मुस्कान लाने के लिए महिला अधिकारी ने बिना किसी हिचकिचाहट के अपना सिर मुंडवा लिया।
कैंसर जैसी घातक बीमारी से जंग लड़ रही मासूम बच्ची के सिर के बाल इलाज (कीमोथेरेपी) के कारण पूरी तरह झड़ चुके थे। जब सविता प्रधान उस मासूम से मिलने पहुंची तो बच्ची ने बेहद मासूमियत से अपना दर्द बयां किया। उसने कहा कि बाल न होने की वजह से वह सबसे अलग दिखती है और खुद को बहुत अकेला महसूस करती है। उसकी इच्छा थी कि काश कोई उसके जैसा दिखे ताकि उसे यह अकेलापन महसूस न हो।
बच्ची की इस मासूम पुकार और भावना को भांपते हुए आयुक्त सविता प्रधान ने पल भर की भी देरी नहीं की। एक महिला अधिकारी के लिए अपने लंबे बालों का त्याग करना कोई साधारण बात नहीं है, लेकिन मासूम की खुशी के आगे उन्होंने अपने बालों का मोह छोड़ दिया और तुरंत मुंडन करा लिया।
सुंदरता बाहरी आवरण में नहीं, आंतरिक विचारों में है
मुंडन कराने के बाद जब सविता प्रधान ने अपनी तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा कीं तो लोगों की प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। जहां कुछ लोग हैरान हुए, वहीं लोगों ने इस अदम्य साहस और मानवीय पहल की दिल खोलकर सराहना की।



