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मोहन कैबिनेट के बड़े फैसले: 53 हजार करोड़ की योजनाओं को 2031 तक मिली मंजूरी, विवादित अपराध नियंत्रण विधेयक वापस

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में मध्य प्रदेश के विकास और सुशासन की दृष्टि से कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। कैबिनेट ने कुल 53 हजार करोड़ रुपए की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं को वर्ष 2031 तक जारी रखने की बड़ी मंजूरी दी है। बैठक की शुरुआत वंदे मातरम के गान के साथ हुई, जिसके बाद एमएसएमई मंत्री चैतन्य काश्यप ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी साझा की।
कैबिनेट ने मध्य प्रदेश आतंकवादी एवं उच्छेदक गतिविधियां और संगठित अपराध नियंत्रण विधेयक.2010 को वापस लेने के प्रस्ताव का अनुमोदन कर दिया है। यह विधेयक लंबे समय से लंबित और चर्चा का विषय बना हुआ था। इसके साथ ही भारतीय वन सेवा के अंतर्गत प्रधान मुख्य वन संरक्षक स्तर के एक नए पद के सृजन को भी हरी झंडी दी गई है।
सिंचाई और अधोसंरचना पर जोर
लोक निर्माण विभाग की पांच बड़ी परियोजनाओं को 2031 तक जारी रखने के लिए 26,311 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई है। वहीं शाजापुर जिले की लखुंदर उच्च दाब सूक्ष्म सिंचाई परियोजना को प्रशासकीय स्वीकृति मिल गई है। इस महत्वाकांक्षी योजना से उज्जैन और शाजापुर जिले की करीब 9 हजार हेक्टेयर भूमि सिंचित हो सकेगी, जिससे क्षेत्र के किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।
स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र में विस्तार
चिकित्सा शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने दो बड़े फैसले लिए हैं, जिसमें गांधी चिकित्सा महाविद्यालय में 134 पीजी सीटों की वृद्धि के लिए 80 करोड़ रुपए के निर्माण कार्यों की कार्योत्तर स्वीकृति दी गई। वहीं रीवा में श्यामशाह चिकित्सा महाविद्यालय के अंतर्गत सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के विस्तार के लिए 174 करोड़ रुपए की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई।
किसानों और छात्रों को राहत
कैबिनेट ने खरीफ 2020 की शेष बची 7.73 लाख मीट्रिक टन धान के ई.ऑक्शन के निराकरण को मंजूरी दी है, जिससे लंबे समय से अटकी धान का निपटारा हो सकेगा। पिछड़ा वर्ग के छात्र-छात्राओं के लिए दिल्ली में संचालित छात्रगृह योजना को जारी रखने का निर्णय लिया गया है। अब छात्रों को मिलने वाली सहायता राशि को बढ़ाकर 10 हजार रुपए प्रतिमाह कर दिया गया है।
अन्य महत्वपूर्ण फैसले
आंगनबाड़ी: प्रदेश के 38,901 आंगनबाड़ी भवनों में बिजली व्यवस्था के लिए 80 करोड़ रुपए मंजूर किए गए।
कोर्ट के आदेश का पालन: हाईकोर्ट के निर्देशानुसार कर्मचारियों को पेंशन और अमीन पद का वेतनमान देने के प्रस्तावों को भी स्वीकृति दी गई।
सडक़ मरम्मत: 16वें वित्त आयोग की अवधि तक प्रदेश में सडक़ों की मरम्मत, नवीनीकरण और भवनों के सुधार कार्य जारी रहेंगे।

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