आईपीएस संजीव कंचन और जज रेणुका कंचन की 17 वर्षीय बेटी ने लगाई फांसी

भोपाल। राजधानी के सबसे हाई प्रोफाइल और पॉश इलाके चार इमली से एक बेहद दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां रहने वाले भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी संजीव कंचन की 17 वर्षीय बेटी का शव मंगलवार दोपहर को उनके सरकारी बंगले में फांसी के फंदे पर लटका मिला। मृत छात्रा की मां रेणुका कंचन भोपाल गैस राहत अदालत में जज हैं। इस वीआईपी हस्ती के घर हुई दुखद घटना से प्रशासनिक और न्यायिक हलकों में सनसनी फैल गई है। बुधवार को पोस्टमॉर्टम के बाद पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया है।
एसीपी उमेश तिवारी के मुताबिक मृतका के पास से एक भावुक सुसाइड नोट बरामद हुआ है। इसमें उसने लिखा है मम्मी-पापा मैं आपसे बहुत प्यार करती हूं, लेकिन मैं आपकी अच्छी बेटी नहीं बन सकी। आईएम सॉरी। हालांकि छात्रा ने इस नोट में आत्मघाती कदम उठाने के असल कारण का कोई जिक्र नहीं किया है। पुलिस ने सुसाइड नोट और छात्रा का मोबाइल फोन अपने कब्जे में ले लिया है।
3 महीने की उम्र में लिया था गोद
इस मामले में पुलिस कमिश्नर संजय सिंह ने पुष्टि की है कि आईपीएस संजीव कंचन और जज रेणुका कंचन ने इस बेटी को महज तीन महीने की उम्र में विधिवत तरीके से गोद लिया था और बड़े लाड़-प्यार से पाला था। घटना के बाद से ही बंगले के दरवाजे बंद हैं और सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी गई है। गहरे सदमे में होने के कारण फिलहाल पुलिस परिजनों के विस्तृत बयान दर्ज नहीं कर सकी है।
हर एंगल पर जांच जारी
हबीबगंज थाना प्रभारी संजीव चौकसे ने बताया कि पुलिस इस मामले की जांच हर संभावित नजरिए से कर रही है। चूंकि छात्रा हाल ही में 11वीं कक्षा में गई थी, इसलिए पढ़ाई के मानसिक दबाव के एंगल को भी खंगाला जा रहा है। साइबर सेल की मदद से छात्रा के सोशल मीडिया अकाउंट्स और हालिया कॉल डिटेल्स खंगाले जा रहे हैं। जांच टीम जल्द ही उसके स्कूल के दोस्तों और सहपाठियों से भी पूछताछ करेगी, ताकि यह पता लगाया जा सके कि वह पिछले कुछ दिनों से किसी तनाव में तो नहीं थी। फॉरेंसिक और पोस्टमॉर्टम की विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह साफ हो सकेगी।



