मध्यप्रदेश

भोपाल बना टेरर नेटवर्क का अड्डा, पाकिस्तानी हैंडलर्स के इशारे पर युवाओं के ब्रेनवॉश की थी तैयारी

भोपाल। राजधानी भोपाल का काजी कैंप इलाका एक बार फिर संदिग्ध गतिविधियों को लेकर सुर्खियों में है। यहां से गिरफ्तार किए गए मोहम्मद फराज उर्फ खालिद सैफुल्लाह से पूछताछ में सुरक्षा और जांच एजेंसियों को बेहद चौंकाने वाले और सनसनीखेज इनपुट मिले हैं। सूत्रों के मुताबिक फराज सीधे पाकिस्तानी हैंडलर्स के संपर्क में था और उसे मध्यप्रदेश में एक बड़ा कट्टरपंथी नेटवर्क खड़ा करने का जिम्मा सौंपा गया था।
शुरुआती जांच में सामने आया है कि पाकिस्तान में बैठे आकाओं ने फराज को स्थानीय स्तर पर गरीब और अविवाहित युवकों को फंसाने का टास्क दिया था। फराज का काम इन युवाओं का ब्रेनवॉश करना और सोशल मीडिया के जरिए कट्टरपंथी सोच को फैलाना था। इसके लिए वह टेलीग्राम और वॉट्सएप पर ग्रुप बनाता था, जिसमें युवाओं को जोडक़र संदिग्ध व भडक़ाऊ वीडियो शेयर किए जाते थे।
भोपाल से पाकिस्तान वाया देवबंद कनेक्शन
जांच में पता चला है कि फराज ने उत्तर प्रदेश के देवबंद में रहकर धार्मिक शिक्षा ली थी। इसी दौरान उसकी मुलाकात सहारनपुर के रहने वाले नईम अब्दुल्ला से हुई। नईम ने ही फराज को पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स से मिलवाया और इस पूरे नेटवर्क की नींव रखी। फराज की निशानदेही पर एटीएस ने शनिवार को नईम अब्दुल्ला को भी देवबंद से गिरफ्तार कर लिया है। कोर्ट में पेशी के बाद अब दोनों आरोपियों को 16 जून तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है।
पहचान छिपाने के लिए करता था बैटरी रिपेयरिंग का काम
एजेंसियों को चकमा देने के लिए फराज भोपाल में बेहद सामान्य जिंदगी जी रहा था। वह काजी कैंप मोहल्ले में ही एक डॉक्टर के क्लीनिक पर काम करता था और साथ में बैटरी रिपेयरिंग का काम भी करता था। फिलहाल वह अविवाहित है। अब एटीएस की टीम इसकी डिजिटल एक्टिविटी, विदेशी फंडिंग और मध्यप्रदेश में फैले इसके पूरे नेटवर्क की कडिय़ां खंगालने में जुटी है कि आखिर प्रदेश में कितने युवा इसके जाल में फंंस चुके थे।
तडक़े 3.30 बजे छत के रास्ते घुसी थी एटीएस
बता दें कि गुरुवार तडक़े करीब 3.30 बजे एटीएस की टीम ने बेहद गोपनीय तरीके से काजी कैंप स्थित फराज के घर पर दबिश दी थी। 12 अधिकारियों की इस टीम में 3 महिला पुलिसकर्मी भी शामिल थीं। टीम ने पहले फराज के घर को चारों तरफ से घेरा और फिर छत के रास्ते अंदर दाखिल होकर उसे दबोच लिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय और राज्य की खुफिया एजेंसियां अलर्ट पर हैं।

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