कलेक्टर-एसपी ने गांव में गुजारी रात, टपरी पर चाय पी…

भोपाल। मध्य प्रदेश में प्रशासन केवल फाइलों तक सीमित न रहे, बल्कि गांव की चौपाल तक पहुंचे, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के इस संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए अब प्रशासनिक अमला गांवों की ओर रुख कर रहा है। मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देशों के बाद सोमवार शाम कलेक्टर रौशन कुमार सिंह और पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा बडऩगर तहसील के ग्राम गजनीखेड़ी पहुंचे। अधिकारियों ने न केवल चौपाल लगाकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं, बल्कि रात भी गांव के मंदिर में गुजारकर यह संदेश दिया कि प्रदेश में ‘जनता का राज’ है।
बता दें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पदभार संभालते ही अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि एसी कमरों से बाहर निकलकर गांव की समस्याओं को मौके पर हल किया जाए। इसी सुशासन की तस्वीर मंगलवार सुबह देखने को मिली, जब कलेक्टर और एसपी गांव की एक छोटी सी टपरी पर ग्रामीणों के साथ चाय पीते और शासन की योजनाओं का फीडबैक लेते नजर आए। इस दौरान कलेक्टर ने खरीद केंद्रों और पॉलीहाउस का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा भी लिया।
एक शिकायत पर तत्काल मिली आंगनबाड़ी की सौगात
चौपाल के दौरान जब एक किसान ने गांव में आंगनबाड़ी केंद्र न होने की समस्या कलेक्टर के सामने रखी तो कलेक्टर ने तत्काल इसे गंभीरता से लिया। सीएम की शून्य लंबित नीति का पालन करते हुए कलेक्टर ने मौके पर ही गांव में नया आंगनबाड़ी केंद्र खोलने के आदेश जारी किए। साथ ही सरकारी रास्तों पर अतिक्रमण की शिकायत मिलते ही एसडीओ और पटवारी को तुरंत कब्जे हटाने के निर्देश दिए।
सुरक्षा पर पुलिस की पाठशाला
मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार पुलिस और जनता के बीच की दूरी कम करने के उद्देश्य से एसपी प्रदीप शर्मा ने चौपाल में विशेष पाठशाला लगाई। उन्होंने अभिभावकों को इंटरनेट और सोशल मीडिया के खतरों के प्रति आगाह किया। शर्मा ने कहा कि सीएम की प्राथमिकता साइबर अपराधों पर रोक लगाना है, इसलिए ग्रामीण सतर्क रहें और किसी भी अनजान व्यक्ति से बैंक विवरण साझा न करें।
समितियों से जुड़ेंगी जल संरचनाएं
अधिकारियों ने बताया कि क्षेत्र की जल संरचनाओं को समितियों से जोडक़र ग्रामीणों को सशक्त बनाया जाएगा। चौपाल में जिला पंचायत सीईओ श्रेयांश कूमट और एसडीएम धीरेंद्र पाराशर भी मौजूद रहे।



