सरपंच-पटवारी की ‘जुगलबंदी’ से डरा दलित परिवार, कलेक्टर से लगाई गुहार

सीहोर। श्यामपुर तहसील के ग्राम हिगोनी के दलित परिवार के लोगों ने कलेक्टर को लिखित शिकायत देकर पंचायत के सरपंच और हल्का के पटवारी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। जिनका कहना है कि सरपंच सरकारी भूमि पर कब्जा करना चाहता है। जबकि तीन पीढियों से दलित परिवार यहा पर खेती करता रहा है।
गौरतलब है कि ग्राम हिगोनी के रहने वाले नर्बदाप्रसाद, बनवारी लाल एवं किशन अहिरवार ने कलेक्टर से गुहार लगाते हुए बताया गांव की सरकारी भूमि के डेढ़ एकड़ भाग पर उनके परिवार का कब्जा है और तीन पीढियों से वह यहा पर खेती करते आ रहे हैं। इस भूमि पर खेती कर उनके परिवारों का भरण पोषण होता है और उनका परिवार इस जमीन पर ही आश्रित है। यह भूमि पूर्व में बंजर थी और इसमें जुताई कर सिंचाई की व्यवस्था पर इसे उपजाऊ बनाया। और कई सालों से परिवार यहा पर खेती करता आ रहा है। सरपंच अजय मीणा इस जमीन पर कई दिनों से नजर रखे हुए है और इसे कब्जाने का प्रयास कर रहा है।
राजस्व अधिकारियों से साठगांठ
दलित परिवार ने आरोप लगाते हुए बताया कि सरपंच अजय मीणा ने राजस्व कर्मचारियों से साठगांठ कर रखी है। वह हल्के के पटवारी को बुलाकर हमे धमकाता है। कहते हैं कि जमीन छोडक़र दूसरी जगह चले जाओए इस जमीन पर मैं पटटे बाटूंगा। आए दिन जमीन पर आकर पटवारी और सरपंच हमे धमकियां दे रहे हैं। और हमे खेती की जमीन से बेदखल करना चाहते हैं। बताया कि परिवार का भरण पोषण इस जमीन से होता है।
सरपंच और परिवार के अवैध कब्जे
आरोप लगाते हुए बताया कि सरपंच और उसके परिवार ने गांव में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे कर रखे हैं, यहा पर खेती कर वह हर सीजन में लाखों रुपए की फसल ले रहे हैं। इसी प्रकार में गांव कई आर्थिक संपन्न किसान हैं जिन्होंने सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे कर रखे हैं। सरपंच ने कई अपात्र परिवारों को पटटे वितरित करवा दिए हैं। जिन पर पहले से ही जमीन है। मामले में शिकायतकर्ताओं ने निष्पक्ष जांच की मांग की है।
सरपंच तय नहीं करता
इस संबंध में ग्राम पंचायत हिगोनी के सरपंच अजय मीणा का कहना है कि यह सरकारी जमीन है इस पर क्या होगा यह राजस्व विभाग तय करेगा। पटटे की प्रक्रिया तहसील कार्यालय से तय होती है।



