मप्र में मंत्रिमंडल का विस्तार जल्द, विधायक सुदेश राय को भी मिल सकती है जिम्मेदारी

भोपाल। मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार के कार्यकाल को आगामी दिसंबर माह में सफलता पूर्वक तीन वर्ष पूरे होने जा रहे हैं। सरकार के तीन वर्ष का कार्यकाल पूर्ण होने से ठीक पहले प्रदेश में बड़े राजनीतिक फेरबदल की सरगर्मियां तेज हो गई हैं।
विश्वस्त सूत्रों के हवाले से खबर है कि प्रदेश में जल्द ही मंत्रिमंडल का विस्तार और पुनर्गठन हो सकता है। इस फेरबदल में जहां कम प्रदर्शन वाले कुछ मौजूदा मंत्रियों की छुट्टी की जा सकती है, वहीं नए और क्षेत्रीय समीकरणों में फिट बैठने वाले चेहरों को मंत्रिमंडल में जगह मिलने की प्रबल संभावना है।
मुख्यमंत्री का भाजपा प्रदेश कार्यालय दौरा
सोमवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के अचानक भाजपा प्रदेश कार्यालय पहुंचने के बाद से ही राजनीतिक गलियारों में अटकलों का बाजार गर्म हो गया है। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री ने संगठन के वरिष्ठ नेताओं के साथ मंत्रिमंडल विस्तार की संभावित सूची, खाली पड़े पदों और क्षेत्रीय संतुलन को लेकर गहराई से मंथन किया है। सरकार की उपलब्धियों और भावी कार्ययोजनाओं के साथ-साथ इस संगठनात्मक व शासकीय फेरबदल को काफी अहम माना जा रहा है।
सीहोर से विधायक के नाम की चर्चा
मंत्रिमंडल विस्तार की इन सुर्खियों के बीच सीहोर विधानसभा सीट से भाजपा विधायक सुदेश राय का नाम भी चर्चाओं में है। क्षेत्रीय संतुलन, संगठनात्मक पकड़ और विकास कार्यों के अनुभव को देखते हुए माना जा रहा है कि सुदेश राय को मोहन कैबिनेट में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी जा सकती है।
प्रदर्शन के आधार पर होगा इन और आउट
सूत्रों की मानें तो तीन साल का कार्यकाल पूरा होने के अवसर पर सरकार अपने मंत्रियों के प्रदर्शन का रिपोर्ट कार्ड भी खंगाल रही है। इनमें लगातार जीतकर आने वाले वरिष्ठ विधायकों, क्षेत्रीय नेताओं और नए ऊर्जावान चेहरों को शामिल किया जाएगा। जबकि जिन मंत्रियों का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं रहा है या जो संगठन की अपेक्षाओं पर खरे नहीं उतरे हैं, उन्हें पदमुक्त कर संगठन के काम में लगाया जा सकता है।



