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कब तक आबकारी महकमा आंखें मूंदे बैठा रहेगा… देवास में जहरीली शराब से 22 मौतों पर बिफरे जीतू पटवारी

भोपाल। मध्य प्रदेश में जहरीली शराब का काला कारोबार एक बार फिर बेगुनाह जिंदगियों पर भारी पड़ा है। मुरैना, उज्जैन और सागर के दर्दनाक हादसों के बाद अब देवास जिला जहरीली शराब के कहर से थर्रा उठा है। इस भीषण त्रासदी को लेकर प्रदेश की राजनीति में हडक़ंप मच गया है। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सरकार और प्रशासन पर सीधा हमला बोलते हुए सवाल उठाया है आखिर कब तक अवैध शराब के ठेकेदार लोगों की जान से खिलवाड़ करते रहेंगे और जिम्मेदार महकमा आंखें मूंदे बैठा रहेगा।

रविवार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव खुद ग्राउंड जीरो यानी देवास के ग्राम चंदाना पहुंचे। उन्होंने जहरीली शराब से अपनों को खो चुके शोकाकुल परिवारों से मुलाकात कर उनका दुख-दर्द बांटा और ढांढस बंधाया।

मौतों का सच सार्वजनिक करे सरकार
ग्राम चंदाना में पीडि़त परिवारों के बीच पहुंचे जीतू पटवारी ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए प्रशासन की भूमिका पर कड़े सवाल खड़े किए। देवास जिले में जहरीली शराब पीने से अब तक 22 लोगों की मौत होने की जानकारी सामने आ रही है। यह बेहद गंभीर और संवेदनशील मामला है। सरकार और जिला प्रशासन को लीपापोती करने के बजाय मौतों का वास्तविक आंकड़ा तुरंत सार्वजनिक करना चाहिए। पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों को ऐसी सजा दी जाए जो मिसाल बने।

पटवारी ने कहा कि पीडि़त परिवारों की आंखों के आंसू चीख-चीखकर सवाल पूछ रहे हैं। जब जहरीली शराब की शिकायतें पहले से थीं तो समय रहते पुलिस और आबकारी विभाग ने कार्रवाई क्यों नहीं की। सरकार अब पानी या अन्य बहानों की आड़ लेकर असली मुद्दे से ध्यान नहीं भटका सकती।
मुरैना से देवास तक आबकारी व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त

जीतू पटवारी ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था को कठघरे में खड़ा करते हुए कहा कि मुरैना, उज्जैन, सागर और अब देवास की घटनाओं ने यह साबित कर दिया है कि आबकारी विभाग पूरी तरह पंगु हो चुका है। अवैध शराब का इतना बड़ा नेटवर्क प्रशासनिक शह के बिना फल फूल नहीं सकता।

उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार इस त्रासदी से अपनी जिम्मेदारी से मुंह नहीं मोड़ सकती। यह स्पष्ट होना चाहिए कि जहरीली शराब की सप्लाई चेन कहां से जुड़ी थी और किस स्तर पर अधिकारियों ने लापरवाही बरती।

कांग्रेस की मुख्य मांगें
सच्चाई आए सामने: देवास में हुई सभी 22 मौतों का सच सार्वजनिक किया जाए।
सख्त कार्रवाई: शराब माफिया के पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश कर दोषियों और लापरवाह अधिकारियों पर आपराधिक मामला दर्ज हो।
उचित मुआवजा: पीडि़त परिवारों को तत्काल उचित आर्थिक सहायता और न्याय मिले।

सडक़ से सदन तक छिड़ेगा संग्राम
जीतू पटवारी ने साफ चेतावनी दी कि कांग्रेस इस मामले में चुप नहीं बैठेगी और पीडि़त परिवारों की आवाज को दबने नहीं देगी। उन्होंने कहा कि यह केवल कुछ परिवारों का व्यक्तिगत दुख नहीं है, बल्कि प्रदेश के नागरिकों की सुरक्षा और सरकार की जवाबदेही का बड़ा सवाल है। अगर पीड़ितों को न्याय नहीं मिला और दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो कांग्रेस सडक़ से लेकर विधानसभा के सदन तक उग्र आंदोलन करेगी।
इस दौरान जीतू पटवारी और अरुण यादव के साथ प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष मनोज राजानी, ग्रामीण जिला कांग्रेस अध्यक्ष मनीष चौधरी, शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रयास गौतम समेत कई वरिष्ठ कांग्रेस नेता मौजूद रहे।

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