धार में सीएम डॉ. मोहन यादव की बड़ी सौगात, 2387 करोड़ की सिंचाई परियोजना का लोकार्पण, बोले- किसान कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है सरकार

भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने धार जिले को एक ऐतिहासिक सौगात देते हुए 2387.60 करोड़ की लागत वाली नर्मदा-झाबुआ-पेटलावद-थांदला-सरदारपुर माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना का लोकार्पण किया। धार जिले के सरदारपुर स्थित खेल परिसर में आयोजित भव्य कार्यक्रम में उन्होंने परियोजना के रूट मैप का अवलोकन किया और 188 विकास कार्यों का भूमि-पूजन एवं लोकार्पण भी किया। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत 317.86 करोड़ की राशि दीवाली से पहले सीधे 16 लाख 70 हजार किसानों के खातों में ट्रांसफर की।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में मध्य प्रदेश में सिंचाई का दायरा तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2002-03 तक राज्य में केवल साढ़े 7 लाख हेक्टेयर भूमि सिंचित थी, जो वर्ष 2023 तक बढक़र 40 लाख हेक्टेयर हुई। पिछले ढाई साल में सरकार ने इसे बढ़ाकर 60 लाख हेक्टेयर तक पहुँचा दिया है। सरकार का अंतिम लक्ष्य प्रदेश की 100 लाख हेक्टेयर भूमि को सिंचित करना है। सीएम ने कहा कि जब सूखे खेतों को नर्मदा मैया का जल मिलता है तो किसानों की फसलें सोने जैसी चमकने लगेंगी। किसानों की समृद्धि ही सरकार का मुख्य ध्येय है।
धार-झाबुआ के युवाओं और महिलाओं का रुकेगा पलायन
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सडक़, रेल और हवाई सुविधाओं के साथ अब धार को रेलवे लाइन की सौगात भी मिल चुकी है। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा धार में दिए गए पीएम मित्र पार्क से निमाड़-मालवा क्षेत्र के 6 लाख कपास उत्पादक किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। एक ही स्थान पर कपास से धागा, धागा से कपड़ा और रेडीमेड गारमेंट्स तैयार होने से प्रदेश के 3 लाख लोगों को रोजगार मिलेगा। नई सिंचाई परियोजना से धार और झाबुआ जिलों के 260 गांवों की 57422 हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी और लगभग 72 हजार किसान लाभान्वित होंगे, जिससे क्षेत्र से युवाओं और महिलाओं का पलायन रुकेगा।
ग्रामीणों और किसानों के लिए अन्य बड़ी घोषणाएं
डेयरी विकास योजना: दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए नई योजना शुरू की गई है। यदि कोई किसान 43 लाख रुपये की लागत से 25 गाय-भैंस खरीदकर डेयरी शुरू करता है तो सरकार उसे 10 लाख रुपये का अनुदान देगी।
मुख्यमंत्री सुगम परिवहन बस सेवा: त्योहार के इस मौसम में ग्रामीण क्षेत्र की जनता को आवागमन का बेहतर लाभ देने के लिए इस नई बस सेवा की शुरुआत की गई है।
स्वामित्व योजना: गांवों में रहने वाले लोगों को उनके मकान और भूमि की पक्की रजिस्ट्री के लिए 50 लाख नि:शुल्क रजिस्ट्री करवाने का संकल्प लिया गया है, जिससे ग्रामीण बैंक से आसानी से ऋण ले सकें।
धार्मिक और ऐतिहासिक स्थल का विकास: धार जिले के प्रसिद्ध अमका-झमका माता के स्थान को श्रीकृष्ण पाथेय योजना में शामिल कर तीर्थ के रूप में विकसित किया जा रहा है, क्योंकि मान्यता है कि यहीं भगवान श्रीकृष्ण ने माता रुक्मणी से विवाह किया था। इसके अलावा धार को जल्द ही मेडिकल कॉलेज की सौगात भी मिलेगी और भगोरिया पर्व को राष्ट्रीय उत्सव का दर्जा दिया गया है।



