बच्चों को अच्छे संस्कार, सनातन संस्कृति के मूल्य और अनुशासन सिखाना जरूरी:सीएम डॉ मोहन यादव
बड़वानी के आदिवासी अंचल में सीएम ने किया रात्रि विश्राम, शिवपंथ समुदाय और गायत्री परिवार के प्रयासों को सराहा

भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि बच्चों को केवल किताबी शिक्षा देना ही काफी नहीं है, बल्कि उन्हें जीवन में अच्छे संस्कार, हमारी समृद्ध सनातन संस्कृति के मूल्य और अनुशासन सिखाना अत्यंत आवश्यक है।
यह विचार मुख्यमंत्री ने बड़वानी प्रवास के दौरान मीडिया से चर्चा करते हुए व्यक्त किए। शरद पूर्णिमा के पावन अवसर पर बड़वानी के आदिवासी अंचल में रात्रि विश्राम करने के बाद सीएम डॉ. मोहन यादव ने समाज निर्माण, सामाजिक चेतना और नशामुक्ति के चलाए जा रहे अभियानों की मुक्तकंठ से प्रशंसा की।
शिवपंथ समुदाय के नशामुक्ति अभियान की सराहना
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बड़वानी में शिवपंथ समुदाय द्वारा चलाए जा रहे नशामुक्ति अभियान का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि मुझे इस बात का संतोष है कि यहां हमारे शिवपंथ समुदाय द्वारा नशे के खिलाफ बहुत सार्थक कदम उठाए जा रहे हैं। महाराज बंशी एवं उनके अनुयायियों ने आदिवासी अंचल में भगवान की भक्ति, महादेव की आराधना और विशेष रूप से नशे के विरुद्ध जनजागरण का जो अभियान चलाया हैए वह अत्यंत सराहनीय है। सीएम ने स्पष्ट किया कि जब सरकार और समाज मिलकर ऐसे प्रयास करते हैं, तभी समाज सुधार के बड़े लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं।
गायत्री परिवार आश्रम में बिताया समय, की योग-साधना
अपने प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री ने बीती रात गायत्री परिवार के आश्रम में विश्राम किया। सुबह उन्होंने आश्रम में आयोजित योगाभ्यास और विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों में सहभागिता की। गायत्री परिवार के योगदान को बताते हुए डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यह संस्थान बच्चों और युवाओं के सर्वांगीण विकास के लिए सराहनीय कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि आश्रम में सुबह योगाभ्यास कर उन्हें सुखद और आत्मिक अनुभूति हुई है। ऐसे प्रयास हमारी आने वाली पीढ़ी को संस्कारवान, चरित्रवान और जिम्मेदार नागरिक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। बड़वानी की सुंदरता और सांस्कृतिक विरासत की तारीफ करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बड़वानी को निमाड़ का पेरिस बताया।
उन्होंने कहा शरद पूर्णिमा से दीपावली तक का यह समय हमारी सनातन परंपरा में विशेष महत्व रखता है। बड़वानी प्रवास के दौरान समाज निर्माण और सांस्कृतिक चेतना के अनेक प्रेरणादायी कार्यों को करीब से देखने का अवसर मिला। इससे हमारी सरकार का प्रदेशवासियों के कल्याण, सामाजिक उत्थान और जनजीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का संकल्प और अधिक मजबूत हुआ है। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि ऐसे पावन पर्व और समाज-सुधारक अभियान हमें समाज में आपसी सद्भाव, सेवा और जनसेवा के पथ पर निरंतर आगे बढऩे की प्रेरणा देते हैं।



