नर्मदा किनोर मिले वोटर कार्ड, पूर्व मंत्री सज्जन वर्मा का हमला- यह लोकतंत्र के साथ बड़ा खिलवाड़, निष्पक्ष जांच हो

भोपाल। पवित्र नर्मदा नदी का पावन तट… जहां सुबह-सुबह श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाने पहुंचते हैं और सफाईकर्मी सफाई अभियान में जुटे थे, वहीं अचानक कुछ ऐसा मिला जिसने इंदौर से लेकर भोपाल तक के राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी।
मंडलेश्वर में नर्मदा नदी के किनारे सफाई के दौरान सैकड़ों की तादाद में वोटर आईडी कार्ड मतदाता पहचान पत्र बिखरे हुए मिले। जैसे ही सफाईकर्मियों के हाथ ये कार्ड लगे और उन्होंने देखा तो पता चला कि ये सभी वोटर कार्ड इंदौर जिले की राऊ विधानसभा क्षेत्र के मतदाताओं के हैं। नदी किनारे पड़े इन वोटर काड्र्स का वीडियो सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह वायरल हो गया, जिसके बाद मामले ने तूल पकड़ लिया है।
पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा का बड़ा हमला
घटना की खबर मिलते ही मध्य प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता सज्जन सिंह वर्मा मैदान में उतर आए। इंदौर में मीडिया से औपचारिक चर्चा करते हुए सज्जन सिंह वर्मा ने इस पूरे घटनाक्रम पर गहरा आक्रोश जताया और सरकार व चुनाव आयोग को आड़े हाथों लिया।
पूर्व मंत्री वर्मा ने कहा कि नर्मदा मैया के किनारे राऊ विधानसभा के सैकड़ों वोटर आईडी कार्ड मिलना कोई मामूली घटना नहीं है। यह बेहद गंभीर और संवेदनशील मामला है। लोकतंत्र में जनता का सबसे बड़ा अधिकार उसका मतदाता पहचान पत्र होता है और वही यदि नदियों के किनारे लावारिस पड़ा मिले तो प्रशासनिक तंत्र पर बड़ा सवालिया निशान खड़ा होता है।
सज्जन वर्मा की सीधी मांग
पूर्व मंत्री वर्मा ने पूरे मामले को लोकतंत्र के साथ खिलवाड़ करार देते हुए निष्पक्ष व पारदर्शी जांच की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग, प्रदेश सरकार और इंदौर-खरगोन जिला प्रशासन को तुरंत इस मामले का संज्ञान लेना चाहिए। जांच में यह साफ होना चाहिए कि ये वोटर कार्ड असली हैं या फर्जी तरीके से बनाए गए थे। राऊ विधानसभा के कार्ड आखिर इंदौर से कई किलोमीटर दूर मंडलेश्वर में नर्मदा किनारे कैसे और क्यों फेंके गए, इसके पीछे किस गिरोह या तंत्र का हाथ है। यदि यह कार्ड मतदाताओं तक नहीं पहुंचाकर नदी में बहाए गए हैं तो इसके जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों पर आपराधिक प्रकरण दर्ज होना चाहिए।
घोटालों पर सिर्फ खबरें बनती हैं, नतीजा शून्य रहता है
सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी इस पूरे मामले को बहुत गंभीरता से ले रही है और इसे ठंडे बस्ते में नहीं जाने देगी। उन्होंने जनता और देश की न्यायपालिका से भी इस विषय का संज्ञान लेने की अपील की। वर्मा ने कहा कि आजकल रोज अखबारों में कई बड़े-बड़े घोटालों और गड़बडिय़ों की खबरें सुर्खियों में रहती हैं। हर बार अधिकारी मीडिया के सामने आकर जांच की बात कह देते हैं, लेकिन नतीजा कुछ नहीं निकलता। जांच सिर्फ फाइलों में दबकर रह जाती है। उन्होंने साफ किया कि इस बार केवल जांच का आश्वासन देने से काम नहीं चलेगा, बल्कि दूध का दूध और पानी का पानी होना चाहिए।



