दिग्विजय की सत्य सनातन यात्रा में बच्चों से राजनीतिक नारे लगवाने का आरोप, भेजा नोटिस

भोपाल। मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा विवादों में घिर गई है। यात्रा के दौरान बच्चों को शामिल करने और उनसे राजनीतिक नारे लगवाने के आरोपों पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने कड़ा संज्ञान लिया है। आयोग ने मामले की जांच के लिए मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर कार्रवाई रिपोर्ट तलब की है।
मानवाधिकार संरक्षण अधिनियमए 1993 की धारा 12 के तहत यह संज्ञान एनएचआरसी के सदस्य प्रियंक कानूनगो की अध्यक्षता वाली पीठ ने लिया है। आयोग का मानना है कि शिकायत में लगाए गए आरोप प्रथम दृष्टया बाल अधिकारों के प्रत्यक्ष उल्लंघन को दर्शाते हैं।
इन बिंदुओं पर जांच के निर्देश
– क्या बच्चों को यात्रा में शामिल करने और नारे लगवाने के लिए पैसे या अन्य प्रलोभन दिए गए थे।
– क्या इस दौरान लागू बाल संरक्षण कानूनों का उल्लंघन हुआ हैघ्
– घटना में शामिल आयोजकों और जिम्मेदार व्यक्तियों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।
वीडियो हटाने पर हो सकती है कार्रवाई
आयोग ने सोशल मीडिया पर बच्चों के वीडियो और तस्वीरें वायरल होने के मामले में केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव को भी नोटिस भेजा है। मंत्रालय को निर्देश दिए गए हैं कि वह सोशल मीडिया प्लेटफॉम्र्स पर बच्चों की पहचान उजागर करने वाले वीडियो/तस्वीरों के इस्तेमाल की समीक्षा करे और इस पर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट आयोग को सौंपे।
फेसबुक पर पोस्ट किया गया था वीडियो
शिकायतकर्ता के अनुसार दिग्विजय सिंह ने स्वयं गुरुवार 22 अक्टूबर सुबह अपने आधिकारिक फेसबुक पेज पर बच्चों द्वारा नारे लगाने का एक वीडियो साझा किया था। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि राजनीतिक हितों के लिए बच्चों का इस्तेमाल किया जा रहा है और उन्हें प्रलोभन देकर यात्रा का हिस्सा बनाया गया है। आयोग ने साफ किया है कि फिलहाल जारी पत्र में केवल जांच के आदेश दिए गए हैं अभी किसी की जिम्मेदारी या आरोपों की अंतिम पुष्टि होना बाकी है।
क्या है सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा
दिग्विजय सिंह की यह लगभग 950 किलोमीटर लंबी पदयात्रा 20 अक्टूबर को विजयादशमी के अवसर पर उज्जैन महाकालेश्वर व चिंतामण गणेश मंदिर से शुरू हुई है। उज्जैन से शुरू हुई यह यात्रा देवासए तराना होते हुए ओरछा स्थित रामराजा सरकार मंदिर के रास्ते अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर तक पहुंचेगी। धार्मिक स्थलों के चढ़ावे और चंदे में पारदर्शिता, कथित अनियमितताओं की जांच और चुनावी प्रक्रिया में वोट चोरी के आरोपों पर जवाबदेही तय करना। 21 अक्टूबर को देवास के सिंदुरिया गांव पहुंचने के बाद 22 अक्टूबर को यात्रा तराना पहुंची, जहां पदयात्रियों ने रात्रि विश्राम किया।



