सीहोर में किसानों ने जलाया विद्युत मंडल अधिकारियों के घमंड का रावण, 10 सिरों पर लिखीं 10 मांगें

सीहोर। मप्र के सीहोर जिले में इस बार विजयादशमी पर अनोखा रावण जला है। दरअसल, विद्युत मंडल की कथित लापरवाही के विरोध में किसानों ने अनोखे अंदाज में प्रदर्शन किया। किसान एवं समाजसेवी एमएस मेवाड़ा के नेतृत्व में जिले के 25 गांवों के किसानों ने विद्युत मंडल अधिकारियों के कथित घमंड के प्रतीक के रूप में 10 सिर वाला रावण बनाकर उसका दहन किया। ढोल-नगाड़ों और हाथों में मांगों की तख्तियां लेकर पहुंचे किसानों ने रावण के दस सिरों पर अपनी 10 प्रमुख मांगें और बिजली व्यवस्था से जुड़े सवाल लिखे।

किसानों की प्रमुख मांग है कि ग्राम बरबेली के किसान सतीश मेवाड़ा को खेतों में झूलते 11 केवी और एलटी बिजली के तारों से करंट लगने के कारण गंभीर रूप से घायल होने के मामले में 25 लाख रुपये का मुआवजा और सरकारी नौकरी दी जाए। इसके साथ ही किसानों ने मामले में जिम्मेदार विद्युत मंडल अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई करने की मांग उठाई।
प्रदर्शनकारी किसानों का आरोप है कि झूलते बिजली के तारों और खंभों की समस्या को लेकर समय रहते शिकायत की गई थीए लेकिन सुधारात्मक कार्रवाई नहीं हुई। किसानों के मुताबिक इसी लापरवाही के चलते सतीश मेवाड़ा गंभीर रूप से घायल हुए। वहीं ग्राम मोरिया की किसान महिला सुकनबाई मेवाड़ा की भी करंट लगने से मौत हो गई। किसानों ने दोनों मामलों में जवाबदेही तय करने और पीडि़त परिवारों को न्याय दिलाने की मांग की।
चार महीने से जारी है आंदोलन
एमएस मेवाड़ा के नेतृत्व में किसान पिछले चार महीने से सीहोर और आसपास के क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं तथा कथित लापरवाही के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि वे मुख्यमंत्री, ऊर्जा मंत्री, प्रभारी मंत्री, मानव अधिकार आयोग, महिला आयोग, पुलिस अधिकारियों और जिला प्रशासन तक अपनी शिकायतें और ज्ञापन पहुंचा चुके हैंए लेकिन उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई का इंतजार है।
कार्रवाई नहीं हुई तो भोपाल में होगा आंदोलन
रावण दहन के जरिए किसानों ने विद्युत मंडल के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। किसानों ने स्पष्ट किया कि जब तक एफआईआर दर्ज कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई नहीं होती और पीडि़त परिवारों को न्याय नहीं मिलता, तब तक धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा। जरूरत पडऩे पर भोपाल में भी आंदोलन किया जाएगा। किसानों के इस प्रदर्शन ने बिजली व्यवस्था की सुरक्षा, खेतों में झूलते तारों और शिकायतों पर समय रहते कार्रवाई जैसे सवालों को फिर सामने ला दिया है। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग और जिला प्रशासन किसानों की मांगों पर क्या कदम उठाते हैं। इस दौरान प्रहलाद सिंह मेवाड़ा, लक्ष्मण सिंह मेवाड़ा सहित अन्य किसान मौजूद रहे।



