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किसानों के हित में सीएम डॉ. यादव का बड़ा ऐलान…

भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसानों के हित में बड़ा ऐलान करते हुए कहा है कि प्रदेश सरकार किसानों की उपज का एक-एक दाना खरीदने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। राज्य में इस वर्ष गेहूं की डबल पैदावार को देखते हुए मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार से गेहूं उपार्जन का निर्धारित कोटा बढ़ाने की अपील की है, ताकि बंपर उत्पादन का पूरा लाभ हर किसान तक पहुंचाया जा सके।
राजधानी भोपाल स्थित सीएम हाउस में आयोजित पत्रकारवार्ता के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वैश्विक परिस्थितियों का जिक्र करते हुए बताया कि वर्तमान में अंतर्राष्ट्रीय परिदृश्य काफी जटिल है। रूस-यूक्रेन और पश्चिम एशिया में युद्ध जैसे हालातों के कारण भारत से गेहूं का निर्यात प्रभावित हुआ है। साथ हीए विदेशों से आने वाले जूट बारदानों की आपूर्ति में भी बाधा आई है।
परिस्थितियां कठिन हैं, लेकिन हमने किसानों का साथ नहीं छोड़ा है। जूट की कमी को देखते हुए सरकार ने वैकल्पिक तौर पर पॉली बैग्स की व्यवस्था की है ताकि खरीदी सुचारू रूप से चलती रहे।
पहले छोटे किसानों की बारीरू नई रणनीति तैयार
किसान संगठनों के साथ चर्चा के बाद सरकार ने खरीदी की एक विशेष रणनीति तैयार की है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उपार्जन केंद्रों पर सबसे पहले छोटे किसानों का गेहूं खरीदा जाएगा। इसके बाद मध्यम श्रेणी और अंत में ब?े किसानों की फसल ली जाएगी। इससे सीमांत और छोटे किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
दाम में इजाफा, 2625 प्रति क्विंटल की दर से भुगतान
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार किसानों को उनकी मेहनत का वाजिब दाम दे रही है। इस साल गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2585 निर्धारित है, जिस पर राज्य सरकार 40 प्रति क्विंटल का अतिरिक्त बोनस दे रही है। इस तरह किसानों को कुल 2625 की दर से भुगतान किया जा रहा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि संकल्प पत्र में किए गए 2700 के वादे को आगामी तीन वर्षों में चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा।
भंडारण की चुनौती और केंद्र से सहयोग की मांग
डॉ. यादव ने स्वीकार किया कि पिछले साल का गेहूं अभी भी गोदामों में बड़ी मात्रा में सुरक्षित रखा हैए जो एक चुनौती है। इस बार पैदावार पिछले साल की तुलना में लगभग दोगुनी हुई है।
वर्तमान कोटा: केंद्र ने अभी 78 लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य दिया है।
मांग: पैदावार को देखते हुए मुख्यमंत्री ने केंद्र से इस कोटे को बढ़ाने का अनुरोध किया है।
मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि प्रदेश में इस वर्ष ईश्वरीय कृपा से फसल बहुत अच्छी हुई है और सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि भंडारण या निर्यात की बाधाओं के कारण किसी भी किसान को नुकसान न उठाना पड़े।

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