रेत माफिया का खौफ, तेज रफ्तार हाइवा की टक्कर से बाइक सवार ग्रामीण की दर्दनाक मौत, सडक़ पर उग्र प्रदर्शन

भोपाल। शहडोल जिले में बेखौफ रेत माफिया का आतंक एक बार फिर एक हंसते-खेल्ते परिवार की उजडऩे की वजह बन गया है। जैतपुर थाना क्षेत्र में अवैध रेत ले जाने के लिए बेतहाशा दौड़ रहे एक तेज रफ्तार हाइवा ने बाइक सवार ग्रामीण को कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इस दर्दनाक हादसे के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने सडक़ पर शव रखकर जमकर विरोध प्रदर्शन किया और क्षेत्र में चल रहे अवैध रेत के कारोबार पर तत्काल रोक लगाने की मांग की। मृतक की पहचान सोनू वर्मा के रूप में हुई है।
जानकारी के अनुसार सोनू वर्मा भटिया पेट्रोल पंप से अपनी बाइक में पेट्रोल डलवाकर घर लौट रहे थे। तभी रास्ते में अवैध रेत लोड करने या ले जाने की फिराक में तेज रफ्तार से दौड़ रहे एक हाइवा ने उनकी बाइक को अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी भयानक थी कि सोनू वर्मा की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद चालक वाहन समेत मौके से फरार होने की कोशिश में रहाए जिससे स्थानीय लोगों और राहगीरों में भारी आक्रोश फैल गया।
आक्रोशित ग्रामीणों का हंगामा
घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने देर रात ही भटिया पेट्रोल पंप के सामने सोनू वर्मा का शव रखकर मुख्य मार्ग पर जाम लगा दिया और जोरदार प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जैतपुर थाना क्षेत्र की कुनुक नदी से धड़ल्ले से रेत का अवैध उत्खनन किया जा रहा है। दिन हो या रात ओवरलोड हाइवा और डंपर बेकाबू रफ्तार से दौड़ते हैं, जिसके कारण आए दिन ऐसे जानलेवा हादसे हो रहे हैं। ग्रामीणों के इस उग्र प्रदर्शन की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने काफी मशक्कत और सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाकर ग्रामीणों को समझाया, जिसके बाद मामला शांत हुआ।
अधिकारियों की जान जाने के बाद भी नहीं सुधर रहा सिस्टम
बता दें शहडोल जिले में अवैध रेत का कारोबार कोई नया मुद्दा नहीं है, बल्कि यह लंबे समय से मौत का सौदा बना हुआ है। इससे पहले भी जिले में अवैध रेत के परिवहन और उत्खनन को रोकने गई प्रशासनिक टीमों पर हमले और वाहनों से कुचलकर दो अधिकारियों की दर्दनाक मौत जैसी गंभीर घटनाएं सामने आ चुकी हैं। बावजूद इसके प्रशासनिक सख्ती न होने के कारण रेत माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे इंसानी जिंदगी की परवाह किए बिना अपनी अवैध गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं। सोनू वर्मा की इस दर्दनाक मौत ने एक बार फिर सिस्टम और जिम्मेदार विभागों की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है। अब देखना यह होगा कि क्या इस बड़ी घटना के बाद प्रशासन नींद से जागेगा और कुनुक नदी सहित पूरे इलाके में रेत माफियाओं के नेटवर्क पर पूरी तरह लगाम कस पाएगा।



