कालापीपल के मुनसाय में 74 ब्लैकबक किए गए रेस्क्यू, हेलीकॉप्टर से भरी गई उड़ान

भोपाल। मध्य प्रदेश के मालवा अंचल में वन्यप्राणियों और किसानों के बीच संतुलन बनाने तथा मानव-वन्यप्राणी द्वंद्व को कम करने के लिए प्रशासन का अभियान तेजी से जारी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में शाजापुर-शुजालपुर क्षेत्र में चलाए जा रहे कृष्णमृग ब्लैकबक कैप्चर एवं स्थानांतरण अभियान के चौथे दिन आज बड़ी सफलता मिली।
आज शाम कालापीपल तहसील के ग्राम मुनसाय में अभियान के तहत 74 कृष्णमृगों का सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया गया। इस दौरान वन्यप्राणियों को सुरक्षित रूप से घेरने और ट्रैक करने के लिए विशेष रूप से हेलीकॉप्टर का भी उपयोग किया गया, जिसकी उड़ान ने अभियान को एक नया आयाम दिया।
क्यों चलाया जा रहा है यह अभियानघ्
स्थानीय ग्रामीण लंबे समय से वन्यप्राणियों द्वारा फसलों को पहुंचाई जा रही क्षति से परेशान थे। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य किसानों की फसल हानि को कम करना और वन्यप्राणियों को सुरक्षित उनके अनुकूल प्राकृतिक वन क्षेत्रों में स्थानांतरित करना है। इस महत्वपूर्ण द्वितीय चरण के तहत कुल 2000 कृष्णमृगों के स्थानांतरण का बड़ा लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों का मिल रहा तकनीकी सहयोग
इस जटिल रेस्क्यू और स्थानांतरण प्रक्रिया को पूरी तरह सुरक्षित और वैज्ञानिक तरीके से अंजाम देने के लिए दक्षिण अफ्रीका की विशेषज्ञ संस्था कंजर्वेशन सॉल्यूशंस का तकनीकी सहयोग लिया जा रहा है। इसके साथ ही प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए अनुभवी वन्यप्राणी चिकित्सक, वन अधिकारी और प्रशिक्षित मैदानी अमला निर्धारित प्रोटोकॉल का पूरी तरह पालन करते हुए कृष्णमृगों की देखभालए रेस्क्यू और उनके सुरक्षित परिवहन के कार्य में जुटे हुए हैं।
प्रशासन और ग्रामीणों का मिल रहा साथ
इस अभियान को सफल बनाने में जिला प्रशासन, स्थानीय जनप्रतिनिधि और ग्रामीण बढ़-चढक़र सहयोग कर रहे हैं। वन विभाग ने किसानों की फसलों की सुरक्षा और वन्यप्राणियों के संरक्षण की इस मुहिम में क्षेत्र के सभी नागरिकों से निरंतर सहयोग बनाए रखने की अपील की है। बता दें किसानों को यह राहत विधायक घनश्याम चंद्रवंशी द्वारा उठाए गए सार्थक कदमों का परिणाम है।



