बॉर्डर पर चल रहा था जुआरियों का खेल, लेडी सिंघम कंचन सिंह राजपूत ने सादे कपड़ों में बिछाया ऐसा जाल… टेंट और दरी भी जलकर खाक!

भोपाल। जुआ और सट्टा पकडऩे के लिए पुलिस अक्सर दबिश देती है, लेकिन मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम और सीहोर जिले की बॉर्डर पर हुई एक कार्रवाई इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। यहां जुआरी दो जिलों की सीमाओं का फायदा उठाकर कानून की आंखों में धूल झोंक रहे थे, लेकिन उनका सामना माखननगर थाने की तेज-तर्रार थाना प्रभारी कंचन सिंह राजपूत से हो गया। टीआई कंचन सिंह राजपूत की सूझबूझ और सटीक रणनीति के आगे जुआरियों के तमाम पैंतरे धरे के धरे रह गए।

यह पूरा मामला एक महीने पहले शुरू हुआ था। नर्मदापुरम एसपी डॉ. साई कृष्ण एस. थोटा के सख्त निर्देश मिलने के बाद माखननगर थाना प्रभारी कंचन सिंह राजपूत ने अवैध जुआरियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। जुआरी इतने शातिर थे कि वे पुलिस से बचने के लिए नदी और दुर्गम रास्तों का इस्तेमाल करते थे। वे नाव और ट्रैक्टरों के जरिए नदी पार कर ऐसी जगहों पर जुए की महफिल सजाते थे, जहां आसानी से पुलिस की गाड़ी न पहुंच सके।
सादे कपड़ों में फड़ के अंदर घुसी पुलिस
लेकिन टीआई कंचन सिंह राजपूत ने जो किया वह किसी फिल्मी सीन से कम नहीं था। पुलिस ने करीब डेढ़ महीने तक चुपचाप इन जुआरियों की हर हरकत पर वॉच रखी। जब पुख्ता सबूत जुटाने की बारी आई तो खुद पुलिसकर्मी सादे कपड़ों में चुपचाप जुआरियों की इस फड़ में जा घुसे। उन्होंने अंदर का पूरा काला चि_ा और कोडवर्ड नोट किए। इसके बाद जब सही वक्त आया तो पुलिस ने ऐसा ताबड़तोड़ एक्शन लिया कि जुआरियों के होश उड़ गए। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जुआरियों के टेंट और दरी तक को आग के हवाले कर दिया।

12 लोगों को नोटिस, नाव जब्त
सीमावर्ती जिलों के 4 शातिर जुआरियों, कृपलटा, बुद्धा मीना, विनीत गोस्वामी और सतीश अहिरवार पर बीएनएसएस की धारा 170 के तहत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई है। सिर्फ जुआरी ही नहीं, बल्कि उनकी मदद करने वाले नाव और ट्रैक्टर मालिकों को भी नहीं बख्शा गया। पुलिस ने कुल 12 लोगों को नोटिस थमाए हैं और अवैध गतिविधियों में इस्तेमाल होने वाली एक नाव को जब्त कर शाहगंज थाने में खड़ा करवा दिया है।
नर्मदापुरम पुलिस ने इस साल जुए के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए 16 से ज्यादा मामले दर्ज किए हैं। थाना प्रभारी कंचन सिंह राजपूत की इस मुस्तैदी और कड़े एक्शन ने साबित कर दिया है कि अपराधी चाहे कितने भी शातिर रास्ते क्यों न चुन लें, अगर पुलिस ठान ले तो कानून का शिकंजा उन तक पहुंच ही जाता है।



