बंगाल में भाजपा की प्रचंड जीत के सुपर हीरो बने डॉ. मोहन यादव

भोपाल। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के ऐतिहासिक परिणामों ने देशभर को चौंका दिया है। 294 सीटों वाली विधानसभा में भाजपा ने पहली बार 206 सीटें जीतकर इतिहास रच दिया है। भाजपा की इस अभूतपूर्व सफलता के पीछे मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की रणनीतिक मेहनत और धुआंधार प्रचार का बड़ा हाथ रहा है। बंगाल की धरती पर डॉ. यादव का जादू ऐसा चला कि उनका चुनावी स्ट्राइक रेट 86 फसदी रहा।
डॉ. मोहन यादव ने अपने चुनाव अभियान का शंखनाद 2 अप्रैल को बांकुरा जिले से किया था। उन्होंने न केवल भाजपा उम्मीदवारों के नामांकन में शिरकत की, बल्कि एक विशाल संयुक्त जनसभा को भी संबोधित किया। डॉ. यादव की सक्रियता का असर यह हुआ कि बांकुरा जिले का यह पूरा क्लस्टर भाजपा के लिए सबसे मजबूत गढ़ साबित हुआ और यहां की सभी सीटों पर भाजपा ने क्लीन स्वीप करते हुए जीत दर्ज की।
मेदिनीपुर में बड़ी जीत, विरोधियों के छूटे पसीने
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 18 अप्रैल को मेदिनीपुर में दिग्गज भाजपा नेता दिलीप घोष के समर्थन में प्रचार किया था। डॉ. यादव की जनसभाओं और कार्यकर्ताओं में भरे जोश का नतीजा यह रहा कि दिलीप घोष ने टीएमसी उम्मीदवार को 30 हजार से अधिक मतों के भारी अंतर से शिकस्त दी। हालांकिए कमरहाटी सीट पर कड़ी टक्कर के बावजूद भाजपा उम्मीदवार अरूप चौधरी को सफलता नहीं मिल सकी, लेकिन अन्य सभी सीटों पर डॉ. यादव का प्रभाव स्पष्ट दिखा।
एमपी के दिग्गजों ने बंगाल में गाड़े झंडे
भाजपा केंद्रीय नेतृत्व ने पश्चिम बंगाल के इस महत्वपूर्ण रण के लिए मध्य प्रदेश के केवल चुनिंदा और प्रभावशाली चेहरों को ही मैदान में उतारा था।
चुनावी आंकड़ों में डॉ. मोहन यादव का जलवा
कुल प्रचारित सीटें: 07
जीती गई सीटें: 06
स्ट्राइक रेट: 86 प्रतिशत



