भोपाल पुलिस की सृजन पहल, आरकेडीएफ कॉलेज में हुआ जनसंवाद, मार्शल आट्र्स और सुरक्षा मंत्रों से बेटियों को बनाया सशक्त

भोपाल। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा सामुदायिक पुलिसिंग को बढ़ावा देने और जनता के बीच विश्वास का रिश्ता मजबूत करने के लिए राजधानी में जनसंवाद कार्यक्रमों की श्रृंखला जारी है। इसी कड़ी में भोपाल पुलिस कमिश्नरेट आरकेडीएफ मेडिकल कॉलेज और उदय सामाजिक विकास संस्था के संयुक्त तत्वावधान में सृजन संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। आरकेडीएफ मेडिकल कॉलेज एवं रिसर्च सेंटर में आयोजित इस गरिमामय कार्यक्रम में युवाओं और बच्चों को सुरक्षित वातावरण देने पर मंथन हुआ।
कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों और पुलिस अधिकारियों ने छात्र-छात्राओं के साथ कई संवेदनशील विषयों पर चर्चा की, जिनमें शामिल हैं…
सुरक्षा और अपराध: महिला एवं बाल सुरक्षा, साइबर अपराध से बचाव और नशामुक्ति।
सामाजिक मुद्दे: जेंडर आधारित भेदभावए बाल विवाह की रोकथाम और बच्चों का पुनर्वास।
कैरियर और विकास: युवाओं को सही कैरियर मार्गदर्शन और सामाजिक न्याय के प्रति जागरूक करना।
मूल अधिकार: शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता और पोषण जैसे अधिकारों पर विशेष जोर।
बेटियों ने दिखाया मार्शल आट्र्स का दम
कार्यक्रम का विशेष आकर्षण बालिकाओं द्वारा किया गया मार्शल आर्ट का प्रदर्शन रहा, जिसे उपस्थित जनसमूह ने खूब सराहा। इस अवसर पर सामुदायिक पुलिसिंग के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित भी किया गया।
3 महीने में 70 कार्यक्रम
उल्लेखनीय है कि भोपाल पुलिस ने 14 फरवरी से 5 मई के बीच शहर के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में लगभग 70 जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किए हैं। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य न केवल संवाद करना है, बल्कि जनता की समस्याओं का मौके पर ही निराकरण करना है।
आमजन ने उठाई ये समस्याएं, पुलिस ने दिए समाधान के निर्देश
संवाद के दौरान नागरिकों ने प्रमुख रूप से निम्नलिखित मुद्दे उठाए, जिनमें सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीना और असामाजिक तत्वों का जमावड़ा। ट्रैफिक जाम, अव्यवस्थित पार्किंग और पुलिस गश्त की कमी। नशा कारोबार और अवैध हथियारों की गतिविधियां। इन शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए पुलिस ने हॉटस्पॉट क्षेत्रों में गश्त बढ़ाने, संवेदनशील इलाकों में निगरानी मजबूत करने, रात्रि पेट्रोलिंग तेज करने और महिलाओं से अभद्रता करने वालों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं।



