सीहोर के पूर्व एसपी वरुण कपूर नए डीजीपी की रेस में सबसे आगे…

सीहोर। मध्य प्रदेश के नए पुलिस महानिदेशक के चयन को लेकर सरगर्मी तेज हो गई है। वर्तमान डीजीपी कैलाश मकवाणा तय शेड्यूल के मुताबिक आगामी 30 नवंबर को ही सेवानिवृत्त हो जाएंगे। डीजीपी के रिटायरमेंट की तारीख स्पष्ट होने से सबसे बड़ा फायदा सीहोर के पूर्व एसपी और वर्तमान डीजी जेल वरुण कपूर को मिला है, जिनकी डीजीपी पद की दावेदारी अब और ज्यादा मजबूत हो गई है। बता दें 1991 बैच के आईपीएस अफसर वरुण कपूर अपने शुरुआती दौर में धार के बाद सीधे सीहोर के पुलिस अधीक्षक बने थे।
हाल ही में पुलिस मुख्यालय ने गृह विभाग को एक प्रस्ताव भेजा था, जिसमें तर्क दिया गया था कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार डीजीपी का कार्यकाल दो साल का होना चाहिए। चूंकि डीजीपी मकवाणा ने 2 दिसंबर 2024 को पदभार ग्रहण किया था, इसलिए प्रस्ताव में उनका रिटायरमेंट 2 दिसंबर 2026 को करने की बात कही गई थी।
इस प्रस्ताव के बाद प्रशासनिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गईं। मामला मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव तक पहुंचा, जिसके बाद स्थिति स्पष्ट हुई। मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद बुधवार को गृह विभाग ने आधिकारिक आदेश जारी कर स्पष्ट कर दिया कि डीजीपी कैलाश मकवाणा 30 नवंबर को ही रिटायर होंगे।
यूपीएससी को भेजा गया 12 अधिकारियों का पैनल
नए डीजीपी के चयन के लिए राज्य सरकार के गृह विभाग ने वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के नाम का पैनल संघ लोक सेवा आयोग को भेज दिया है। यूपीएससी इनमें से तीन नामों का फाइनल पैनल तैयार कर वापस राज्य सरकार को भेजेगा, जिसके बाद नए डीजीपी की मुहर लगेगी।
चर्चा है कि इस पैनल में डीजी जेल वरुण कपूर के अलावा डीजी ईओडब्ल्यू उपेंद्र जैन और डीजी होमगार्ड प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव के नाम प्रमुखता से शामिल हैं। फिलहाल सीहोर के पूर्व एसपी वरुण कपूर इस दौड़ में सबसे मजबूत दावेदारों में गिने जा रहे हैं।



