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अयोध्या के राम मंदिर में चोरी की बात जानकर बुजुर्ग हो रहे दुखी: राजीव गुजराती

पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह की पदयात्रा में शामिल हुए सीहोर के कांग्रेसी

सीहोर। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह सत्य सनातन स्वाभिमान पदयात्रा निकाल रहे हैं। यह यात्रा वर्तमान में राजगढ़ जिले से गुजर रही है। मंगलवार की देर शाम कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजीव गुजराती सहित सीहोर से अनेक कांग्रेस नेता यात्रा में शामिल हुए। मीडिया से चर्चा करते हुए कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजीव गुजराती ने कहा कि यात्रा के जरिए सोशल मीडिया से दूर रहने वाले ग्रामीण बुजुर्गों को जब यह बात पता चल रही है कि अयोध्या के राम मंदिर चोरी हुई है तो वह बहुत दुखी हो रहे हैं।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजीव गुजराती सहित अनेक पदाधिकारी-कार्यकर्ता मंगलवार को राजगढ़ जिले के धनोरा क्षेत्र में इस पदयात्रा में शामिल हुए। इस दौरान राजीव गुजराती ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की इस अनूठी पदयात्रा के जरिए उन सुदूर ग्रामीण इलाकों और बुजुर्गों तक भी सच्चाई पहुंच रही है, सोशल मीडिया का इस्तेमाल नहीं करते। जब इन बुजुर्गों को यह पता चल रहा है कि अयोध्या में राम मंदिर में चोरी जैसी घटना हुई है तो वे बहुत दुखी हो रहे हैं। गुजराती ने कहा कि जिन बुजुर्गों ने अपने जीवन का अधिकांश समय और अपनी पूरी उम्र राम मंदिर के निर्माण के इंतजार में बिता दी, वे आज इस प्रकार की घटनाओं की बात सुनकर खासे निराश हैं। इस पदयात्रा के माध्यम से जन-जन तक यह संदेश पहुंच रहा है।
पंचमुखी हनुमान मंदिर से शुरू हुई यात्रा
जिलाध्यक्ष गुजराती ने यात्रा के रूट के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि बुधवार को सत्य सनातन स्वाभिमान पदयात्रा राजगढ़ जिले के ग्राम गुलावता स्थित ऐतिहासिक श्री पंचमुखी हनुमान मंदिर से आरंभ हुई। इसके बाद यात्रा ग्राम शेरपुरा, ग्राम ईचावड़ा, ग्राम शंकर नगर, भैंसवा माता मंदिर जोड़, ग्राम धामंदा सामुदायिक भवन, श्री हनुमान मंदिर दर्शन ग्राम आमला और ग्राम चिड़लावलिया से होते हुए खुजनेर नगर पहुंचगी, जहां मेड़तवाल वैश्य समाज धर्मशाला में रात्रि विश्राम होगा।
950 किमी का सफर
बता दें यह पदयात्रा 20 अक्टूबर को विजयादशमी के पावन अवसर पर उज्जैन स्थित महाकाल मंदिर परिसर से शुरू हुई थी। यात्रा मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड व विभिन्न सीमावर्ती इलाकों से गुजरते हुए राम नगरी अयोध्या तक पहुंचेगी। इसकी कुल लंबाई लगभग 950 से 1000 किलोमीटर है, जिसे पूरा होने में करीब 70 दिन का समय लगने का अनुमान है। यात्रा का मुख्य उद्देश्य लोगों के बीच सनातन धर्म के मूल, उदार और समन्वयवादी स्वरूप को रखना है। यात्रा के दौरान मंदिरों के दान, चढ़ावे और चंदे में होने वाली कथित गड़बडय़िों के खिलाफ मुखर होकर आवाज उठाई जा रही है। इस दौरान यात्रा मार्ग में विभिन्न मुद्दों को लेकर नारे भी गूंज रहे हैं।

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