मंत्रीजी के इछावर में पहले कभी नहीं हुआ ऐसा…

सीहोर। मध्य प्रदेश की राजनीति में राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा एक ऐसा नाम हैं, जिनकी गिनती प्रदेश के सबसे कद्दावर, जमीन से जुड़े और ईमानदार नेताओं में होती है।
इछावर विधानसभा सीट से वे रिकॉर्ड 8 बार विधायक रह चुके हैं और अब तक हुए 9 चुनावों में उन्हें महज एक बार हार का सामना करना पड़ा है। जनता के बीच उनकी पैठ और सादगी बेमिसाल है। लेकिन उनके अपने ही गढ़ यानी इछावर विधानसभा से एक ऐसी चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है, जो राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का कारण बनी हुई है। क्षेत्र के लोग और राजनीतिक विश्लेषक हैरान हैं और एक ही चर्चा कर रहे हैं मंत्रीजी, आपके अपने ही क्षेत्र इछावर में ऐसा पहले कभी नहीं हुआ।
सुशासन के दावों पर भारी पड़ रही अफसरों की मनमानी
प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव लगातार पूरे राज्य में सुशासन, जवाबदेह प्रशासन और जीरो टॉलरेंस की नीति पर जोर दे रहे हैं। मुख्यमंत्री का सख्त निर्देश है कि आम जनता को छोटे-छोटे कामों के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़े और अधिकारी अपने मुख्यालय पर अनिवार्य रूप से मौजूद रहें। लेकिन इसके उलट राजस्व मंत्री के अपने गृह क्षेत्र इछावर में एसडीएम स्वाति मिश्रा और जनपद पंचायत सीईओ की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि ये अधिकारी नियमित रूप से अपने मुख्यालय पर उपलब्ध नहीं रहते, जिसके कारण आम जनता और किसानों को अपने छोटे-छोटे प्रशासनिक और राजस्व कार्यों के लिए भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
कमिश्नर-कलेक्टर के आदेशों पर भारी
स्थानीय स्तर पर चर्चा आम है कि वरिष्ठ अधिकारियों और संभाग आयुक्त तथा कलेक्टर के सख्त निर्देश भी इछावर के इन जिम्मेदार अफसरों पर बेअसर साबित हो रहे हैं। जब जनता के प्रतिनिधि खुद प्रदेश के वरिष्ठ राजस्व मंत्री हों, तब उनके अपने विधानसभा क्षेत्र में प्रशासनिक लचरता होना कई बड़े सवाल खड़े करता है। मुख्यालय पर अधिकारियों की अनुपस्थिति को लेकर लगातार शिकायतें सामने आने के बावजूद जिला प्रशासन क्यों मौन है।



