विधानसभा में नारी शक्ति पर संग्राम, सदन से कांग्रेस का वॉकआउट, पुलिस-विधायक में धक्का-मुक्की

भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा का विशेष सत्र सोमवार को हंगामे की भेंट चढ़ गया। सदन में नारी शक्ति वंदन अधिनियम के संकल्प पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जिसके विरोध में कांग्रेस विधायकों ने सदन से वॉकआउट कर दिया। वहीं विधानसभा के बाहर भी सियासी ड्रामा देखने को मिला, जहां ट्रैक्टर लेकर आ रहे कांग्रेस विधायक को पुलिस ने मंत्रालय के पास बैरिकेडिंग कर रोक लिया।
बता दें सोमवार को कांग्रेस विधायक अभिजीत शाह गेंहू के मुद्दे पर विरोध जताने के लिए ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर विधानसभा जा रहे थे। मंत्रालय के सामने पुलिस ने उन्हें रोक लिया, जिससे पुलिस और विधायक के बीच जमकर बहस और धक्का-मुक्की हुई। शाह का दावा था कि उनके पास ट्रैक्टर का पास है, जबकि पुलिस ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए अनुमति से इनकार कर दिया। बाद में विधायक विरोध स्वरूप कंधे पर गेंहू का ग_ा लेकर पैदल ही सदन के भीतर दाखिल हुए।
सदन में नारी शक्ति पर वार-पलटवार
चर्चा के दौरान राज्यमंत्री कृष्णा गौर ने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि संसद में बिल गिरने से देश की महिलाओं को बड़ा झटका लगा है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने अधिकार देने का प्रयास किया, लेकिन कांग्रेस ने महिलाओं का अपमान किया। जवाब में कांग्रेस विधायक राजेंद्र सिंह ने कहा कि भाजपा यह बिल केवल बंगाल चुनाव को ध्यान में रखकर लाई थी। वहीं कांग्रेस विधायक नितेंद्र सिंह राठौर ने सवाल उठाया कि यदि मंशा साफ है तो आरक्षण के लिए परिसीमन का इंतजार क्यों? इसे तत्काल लागू किया जाना चाहिए।
शब्दों की मर्यादा पर बवाल
सदन में उस वक्त स्थिति तनावपूर्ण हो गई जब कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया ने महिलाओं की ऐतिहासिक स्थिति पर टिप्पणी करते हुए विवादित शब्दों का प्रयोग किया। इस पर मंत्री कृष्णा गौर और राकेश सिंह सहित सत्ता पक्ष के सदस्यों ने कड़ी आपत्ति जताई और माफी की मांग की। हंगामे के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने उन शब्दों को कार्यवाही से विलोपित करा दिया।
महिला सुरक्षा और आयोग पर घेरा
उप नेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे ने सरकार को घेरते हुए कहा कि प्रदेश में पिछले सात वर्षों से महिला आयोग का गठन नहीं हुआ है। उन्होंने महिला अधिकारियों की असुरक्षा और महिला विधायकों पर बनाए जा रहे दबाव का मुद्दा भी उठाया। कटारे ने आरोप लगाया कि एक तरफ सरकार सशक्तिकरण की बात करती हैए दूसरी तरफ विरोध करने वाली महिलाओं को रात भर थानों में बैठाया जाता है।
बीजेपी ने गिनाई उपलब्धियां
मंत्री निर्मला भूरिया और संपतिया उइके ने सरकार का पक्ष रखते हुए लाडली बहना, लखपति दीदी और ड्रोन दीदी जैसी योजनाओं को मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा कि विमेन-लेड डेवलपमेंट के विजन को सीएम मोहन यादव धरातल पर उतार रहे हैं। बीजेपी विधायक गौरव सिंह पारधी ने कहा कि उद्यम पोर्टल पर 18 प्रतिशत पंजीयन महिलाओं के हैं, जो उनके आर्थिक सशक्तिकरण को दर्शाता है।
सदन में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी हस्तक्षेप करते हुए कहा कि चर्चा को केंद्रित रखना जरूरी है और इतिहास के बजाय वर्तमान सुधारों पर बात होनी चाहिए। सत्र के दौरान दिवंगत हस्तियों को श्रद्धांजलि भी अर्पित की गई।



