इज्तिमा बाजार के संचालन में बड़ा बदलाव, अब वक्फ बोर्ड संभालेगा कमान

भोपाल। भोपाल के प्रसिद्ध और ऐतिहासिक इज्तिमा बाजार के संचालन को लेकर एक बड़ा प्रशासनिक और प्रबंधन बदलाव सामने आया है। पिछले करीब 56 वर्षों से इस बाजार का संचालन कर रही दारुल शफकत सोसाइटी ने अब इसकी पूरी जिम्मेदारी मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड को सौंप दी है। दोनों पक्षों के बीच सहमति बनने के बाद अब इस बार बाजार की व्यवस्था पूरी तरह बदली हुई नजर आएगी, जहां दुकानों का आवंटन पुरानी परंपरा को तोडक़र पहली बार सार्वजनिक निविदा के जरिए किया जाएगा।
मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड ने 29 अक्टूबर को आधिकारिक निविदा सूचना जारी कर दी है। इसके तहत आगामी 7 दिसंबर 2026 से 6 फरवरी 2027 तक लगने वाले इस बाजार के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस बार न सिर्फ दुकानों के आवंटन के लिए, बल्कि बाजार में बिजली व्यवस्था, साफ सफाई और सीसीटीवी कैमरों के संचालन के लिए भी अलग-अलग टेंडर बुलाए गए हैं। वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सनवर पटेल ने इस कदम को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि बोर्ड के इतिहास में यह पहला मौका है जब इज्तिमा बाजार में सभी व्यापारियों को समान अवसर दिए जा रहे हैं।
20 साल से एक ही परिवार के पास थीं दुकानें
बोर्ड अध्यक्ष डॉ. सनवर पटेल के अनुसार पुरानी व्यवस्था के तहत जो लोग 20 साल पहले दुकानें लेते थे, अगली पीढ़ी में भी उन्हीं के परिवारों को दुकानें मिलती रहती थीं। इस वजह से नए और उभरते व्यापारियों को बाजार में जगह नहीं मिल पाती थी। अब सार्वजनिक निविदा प्रक्रिया शुरू होने से नए व्यापारियों को भी कारोबार करने का सुनहरा मौका मिलेगा।
जमीन और प्रबंधन के विवाद के बाद सोसाइटी ने सौंपी जिम्मेदारी
दारुल शफकत सोसाइटी के कार्यकारी सदस्य परवेज खान के मुताबिक बाजार की जमीन और इसके प्रबंधन को लेकर लंबे समय से वक्फ बोर्ड के साथ विवाद चल रहा था। संस्था को यह आशंका थी कि यदि इस संपत्ति को वक्फ संपत्ति नहीं माना गया तो इसे सरकारी संपत्ति घोषित किया जा सकता है, जिससे वर्षों पुरानी संस्था समुदाय के हाथों से निकल जाती।
इसी को ध्यान में रखते हुए सोसाइटी की कार्यकारिणी और जनरल बॉडी ने पूरी संपत्ति को वक्फ संपत्ति मानने का निर्णय लिया। सोसाइटी ने बोर्ड को लिखित सहमति सौंप दी है और हाईकोर्ट में चल रहा पुराना केस भी वापस ले लिया है। साथ ही सोसाइटी वर्ष 2005 से अब तक के सभी ऑडिटेड अकाउंट, चार्टर्ड अकाउंटेंट की रिपोर्ट और वित्तीय रिकॉर्ड वक्फ बोर्ड को सौंपेगी।
क्या है भोपाल का इज्तिमा बाजार
भोपाल का इज्तिमा बाजार शहर के सबसे पुराने और लोकप्रिय अस्थायी बाजारों में गिना जाता है। इसकी शुरुआत आलमी तब्लीगी इज्तिमा के आयोजन के साथ ताजुल मसाजिद परिसर में हुई थी। इज्तिमा में देश-विदेश से लाखों जायरीन पहुंचते हैं, जिनकी जरूरतों को पूरा करने के लिए इस बाजार का विकास हुआ था। हालांकि बाद में इज्तिमा का मुख्य आयोजन ईंटखेड़ी में शिफ्ट हो गया, लेकिन ताजुल मसाजिद परिसर में लगने वाले इस बाजार की परंपरा आज भी यथावत जारी है।
लगभग दो महीने तक चलने वाले इस बाजार में कपड़े, गर्म कपड़े, जूते-चप्पल, कंबल और घरेलू उपयोग की तमाम वस्तुएं बिकती हैं। यह बाजार अब केवल इज्तिमा में आने वाले मेहमानों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि भोपाल और आसपास के जिलों के लोगों के लिए भी सर्दियों के दौरान खरीदारी का एक प्रमुख केंद्र बन चुका है।



