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मल्लिकार्जुन खडग़े के आवास पर मॉक पार्लियामेंट, मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ जनमहाभियोग की तैयारी, 19 दल शामिल

दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े के आवास पर शनिवार को एक विशेष मॉक पार्लियामेंट (प्रतीकात्मक संसद) का आयोजन किया गया। लोकसभा की पूर्व स्पीकर मीरा कुमार इस मॉक संसद की अध्यक्षता कर रही हैं। इस कार्यक्रम में कांग्रेस समेत कुल 19 विपक्षी दलों के नेता शामिल हुए हैं।
विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जनमहाभियोग लाने की तैयारी कर रहा है। आपको बता दें कि जनमहाभियोग एक ऐसा कार्यक्रम है जिसके तहत जनता या राजनीतिक दल किसी संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के खिलाफ अपना कड़ा विरोध दर्ज कराते हैं। यह कार्यक्रम पहले शुक्रवार को आयोजित होना था, लेकिन खराब मौसम और बारिश के कारण इसे रद्द करना पड़ा था। इतिहास पर नजर डालें तो करीब 16 साल पहले, 20 अगस्त 2010 को भी लोकसभा की कार्यवाही स्थगित होने के बाद लगभग 70 सांसदों ने ऐसी ही एक मॉक संसद चलाई थी, जिसमें लालू प्रसाद यादव को प्रधानमंत्री बनाया गया था।
सीईसी को हटाने और 2023 के कानून को रद्द करने की मांग
मॉक पार्लियामेंट को संबोधित करते हुए मल्लिकार्जुन खडग़े ने मांग की कि मुख्य चुनाव आयुक्त को तत्काल उनके पद से हटाया जाए और साल 2023 का चुनाव कानून रद्द किया जाए। उन्होंने कहा कि भारत एकमात्र ऐसा देश है जहां संविधान लागू होते ही बिना किसी भेदभाव के हर नागरिक को वोट देने का अधिकार मिल गया, जबकि अमेरिका, यूके और फ्रांस जैसे देशों में भी आजादी के लंबे समय बाद महिलाओं या अन्य वर्गों को यह अधिकार मिला था।
ईवीएम/वोटर लिस्ट के डिजाइन और आंकड़ों पर सवाल
खडग़े ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया और वोटर लिस्ट के डिजाइन में ही गंभीर खामियां हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जब गड़बडिय़ां पकड़ी गईं तो सरकार ने बहानेबाजी शुरू कर दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी यह नहीं कह रहा कि मृतकों या फर्जी नामों को वोटर लिस्ट में रखा जाए, लेकिन सरकार को पारदर्शी तरीके से इसके सही आंकड़े देश के सामने पेश करने चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके। सरकार पर घुसपैठियों को जोडऩे के झूठे आरोप लगाने का भी उन्होंने खंडन किया।
महाराष्ट्र और कर्नाटक चुनावों में गड़बड़ी का आरोप
कांग्रेस अध्यक्ष ने दावा किया कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के दौरान वोटर लिस्ट में बड़े पैमाने पर हेरफेर की गईए जिसमें 40 लाख नए नाम जोड़े गए और सामान्य से 5 गुना ज्यादा नाम हटाए गए, जिससे चुनाव के नतीजे पलट गए। उन्होंने आरोप लगाया कि कर्नाटक में भी यही पैटर्न अपनाया गया। राहुल गांधी द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस में उठाए गए मुद्दों का जिक्र करते हुए खडग़े ने कहा कि इस बारे में चुनाव आयोग से 18 बार जानकारी मांगी गई, लेकिन आज तक कोई जवाब नहीं दिया गया।
सरकार पर दमन और तानाशाही का आरोप
खडग़े ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि मोदी सरकार विरोध प्रदर्शनों को कुचलने के लिए बड़े पैमाने पर लोगों को गिरफ्तार कर रही है, रेल और इंटरनेट सेवाएं बंद कर रही है। उन्होंने कहा कि विपक्ष पर देश में अराजकता फैलाने का झूठा आरोप लगाया जा रहा है, जबकि असलियत में गलत नीतियां सरकार की तरफ से अपनाई जा रही हैं।

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