भाजपा ने बदला अभियान का नारा, कांग्रेस पर साधा निशाना

भोपाल। भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस और विपक्षी दलों के खिलाफ अपने देशव्यापी राजनीतिक अभियान के नारे में बड़ा बदलाव किया है। पार्टी ने पहले इस अभियान का नाम लोकतंत्र बचाओ, भीड़तंत्र हटाओ तय किया था, जिसे अब बदलकर लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ कर दिया गया है।
भाजपा के राष्ट्रीय मुख्यालय प्रभारी तरुण चुग की ओर से जारी पत्र के अनुसार यह अभियान 5 नवंबर तक देशभर में चलाया जाएगा। अभियान के दौरान युवाओं और छात्रों से संवाद के लिए भी लोकतंत्र बनाम अराजकता विषय का इस्तेमाल किया जाएगा। मध्य प्रदेश में इस अभियान की तैयारियों को लेकर बैठक हो चुकी है, जिसमें प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल दिल्ली से वर्चुअली शामिल हुए थे।
मतदाता सूची की शुद्धता और एसआईआर मुख्य मुद्दा
भाजपा के इस अभियान का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के समर्थन में जन-जागरण करना, वोटर लिस्ट की शुद्धता का मुद्दा उठाना और विपक्ष द्वारा फैलाई जा रही भ्रामक जानकारियों का जवाब देना है। इसके अलावा पार्टी घुसपैठ के खिलाफ कार्रवाई, पात्र नागरिकों के मताधिकार की रक्षा और संवैधानिक संस्थाओं पर जनता का विश्वास बनाए रखने का संदेश देगी।
पदयात्राओं से लेकर सोशल मीडिया तक व्यापक तैयारी
भाजपा की यह रणनीति केवल प्रेस कॉन्फ्रेंस तक सीमित नहीं रहेगी। इसके तहत…
– देशभर के विधानसभा क्षेत्रों में पदयात्राएं और बुद्धिजिवियों की गोष्ठियां आयोजित होंगी।
– शिक्षण संस्थानों में युवा संवाद और छात्र प्रतियोगिताएं कराई जाएंगी।
– सोशल मीडिया पर व्यापक स्तर पर कैम्पेन चलाया जाएगा।
– आपातकाल और प्रेस सेंसरशिप जैसे ऐतिहासिक मुद्दों के साथ-साथ केंद्र सरकार की उपलब्धियों रक्षा, विज्ञान, बुनियादी ढांचा को जनता के बीच रखा जाएगा।
विपक्ष का पलटवार: क्या जनता आपके लिए भीड़ है
भाजपा के इस अभियान पर पलटवार करते हुए मध्य प्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सवाल उठाया कि भाजपा आखिर इतनी घबराहट में क्यों है। उन्होंने कहा कि अगर आम नागरिक अपने अधिकारों और देश के हित के लिए किसी जनआंदोलन से जुड़ता है तो भाजपा उसे भीड़ कैसे कह सकती है। जनता भेड़-बकरी नहीं है, वही देश के लोकतंत्र को बचाती है और सरकारें बदलती है।



