राजस्व मंत्री के जिले में कलेक्टर का बड़ा एक्शन, रिश्वत मांगने वाले पटवारी पर चलेगा मुकदमा

सीहोर। प्रदेश के राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा के गृह जिले सीहोर में प्रशासनिक कसावट और भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई सामने आई है। कलेक्टर बालागुरु के. ने नामांतरण के एवज में 8 हजार रुपये की रिश्वत मांगने वाले जावर तहसील के पटवारी धर्मेन्द्र सिंह राठौर के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत अदालत में मुकदमा चलाने अभियोजन की औपचारिक स्वीकृति प्रदान कर दी है। राजस्व मंत्री के अपने ही जिले में प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई से राजस्व अमले में हडक़ंप मच गया है।
मामला जावर तहसील के पटवारी हल्का नंबर 24 में पदस्थ पटवारी धर्मेन्द्र सिंह राठौर से जुड़ा है। आवेदक से भूमि के नामांतरण के बदले में पटवारी द्वारा पहले 10 हजार रुपये की रिश्वत मांगी जा रही थी। पीडि़त ने इसकी शिकायत लोकायुक्त पुलिस से की। शिकायत की पुष्टि के लिए लोकायुक्त निरीक्षक मुकेश तिवारी द्वारा शिकायतकर्ता को एक डिजिटल वॉयस रिकॉर्डर दिया गया।
रिकॉर्डिंग और एफएसएल जांच में खुली पोल
रिकॉर्डिंग के दौरान पटवारी 8 हजार रुपये रिश्वत लेने पर सहमत हो गया। लोकायुक्त की टीम ने स्वतंत्र गवाहों की उपस्थिति में रिकॉर्डेड बातचीत का सत्यापन कर प्रारंभिक पंचनामा तैयार किया और जावर तहसील कार्यालय पहुंचकर कार्रवाई की।
पटवारी की आवाज का नमूना वॉइस सैंपल लेकर जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला भोपाल भेजा गया था। एफएसएल रिपोर्ट में वॉयस रिकॉर्डर में दर्ज आवाज आरोपी पटवारी धर्मेन्द्र सिंह राठौर की ही होने की पुष्टि हुई, जिसके बाद पटवारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा के तहत मामला दर्ज किया गया।
कलेक्टर ने दिए अभियोजन के आदेश
मामले में उपलब्ध सभी साक्ष्यों, रिकॉर्डिंग और एफएसएल रिपोर्ट के परीक्षण के बाद कलेक्टर बालागुरु के. ने पाया कि आरोपी लोक सेवक के विरुद्ध अदालत में मुकदमा चलाने के पर्याप्त आधार हैं। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा के तहत सक्षम अधिकारी होने के नाते कलेक्टर सीहोर ने पटवारी के खिलाफ न्यायालय में चालान पेश कर अभियोजन चलाने की मंजूरी दे दी है।



