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सीहोर के रामगढ़ को मिलेगी 848 करोड़ की सौगात, एमपी ट्रैवल मार्ट में ऐतिहासिक करार

सीहोर। मध्य प्रदेश के पर्यटन मानचित्र पर सीहोर जिला अब एक नए और अंतरराष्ट्रीय पहचान के साथ उभरने जा रहा है। राजधानी भोपाल में बुधवार से शुरू हुए मध्य प्रदेश ट्रैवल मार्ट 2026 के 7वें संस्करण में सीहोर जिले के रामगढ़ में 848.40 करोड़ के मेगा टूरिज्म प्रोजेक्ट पर अंतिम मुहर लगेगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी में होने वाले इस ऐतिहासिक करार से जिले के पर्यटन और रोजगार परिदृश्य में बड़ा बदलाव आएगा।
इस तीन दिवसीय वैश्विक आयोजन का मुख्य केंद्र बिंदु सीहोर का रामगढ़ ही रहने वाला है। मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड और मेसर्स एआरएम फूड्स प्राइवेट लिमिटेड के बीच होने जा रहे इस अनुबंध पर औपचारिक मुहर लगते ही रामगढ़ में अंतरराष्ट्रीय स्तर का गोल्फ कोर्स, गोल्फ विला, लक्जरी होटल और अत्याधुनिक वेलनेस रिसॉर्ट के निर्माण का रास्ता साफ हो जाएगा। इस मेगा प्रोजेक्ट से सीहोर को न केवल वैश्विक पर्यटन पटल पर पहचान मिलेगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर 920 से अधिक युवाओं को प्रत्यक्ष रोजगार और सैकड़ों लोगों को अप्रत्यक्ष आजीविका के नए अवसर भी मिलेंगे।
34 देशों के प्रतिनिधियों के सामने लगेगी डील पर मुहर
10 अक्टूबर तक चलने वाले इस विशाल बी2बी बिजनेस टू बिजनेस नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म में अमेरिका, फ्रांस, जापान, ब्रिटेन, इटली, ऑस्ट्रेलिया और यूएई सहित दुनिया के 34 देशों से 100 से अधिक अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि और भारत के 15 राज्यों के 180 से ज्यादा टूर ऑपरेटर्स शामिल हो रहे हैं।
पर्यटन विभाग के प्रबंध संचालक डॉ. इलैया राजा टी. के अनुसार पिछले वर्ष मध्य प्रदेश में रिकॉर्ड 21 करोड़ से अधिक पर्यटक आए थे। इसी रफ्तार को बनाए रखने के लिए पूरे प्रदेश में 1100 करोड़ से अधिक के निवेश समझौतों पर मुहर लगाई जा रही है, जिसमें सबसे बड़ा और अहम हिस्सा सीहोर जिले के खाते में गया है। इसके अतिरिक्त राज्य में नए होटल, लक्जरी टेंट और राजमार्गों पर मार्ग सुविधा केंद्र बनाने के लिए 252 करोड़ के लेटर ऑफ अवॉर्ड भी सौंपे जा रहे हैं।
मां की रसोई में सजेगा सीहोर और मालवा-निमाड़ का देसी जायका
वैश्विक प्रतिनिधियों और निवेशकों को मध्य प्रदेश के विशुद्ध खान-पान और संयुक्त राष्ट्र के मिलेट मिशन से जोडऩे के लिए मां की रसोई का लाइव काउंटर सजाया गया है। यहां अंतरराष्ट्रीय अतिथियों के लिए सीहोर, मालवा और निमाड़ के पारंपरिक व्यंजन जैसे प्रसिद्ध दाल-बाफला, भुने भटे का भर्ता, कोदो-मेथी भात, ज्वार-बाजरे की रोटियां और सिलबट्टे की ताजी चटनियां परोसी जा रही हैं।

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