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शिवराज बोले- एक कचौड़ी, दो समोसा…

भोपाल। सोशल मीडिया पर इन दिनों तेजी से वायरल हो रहे एक विवादित नारे एक कचौड़ी, दो समोसा, इन मर्दों का क्या भरोसा… पर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गहरी चिंता जताई है। भोपाल में आयोजित नवगति एजुकेशन स्कॉलरशिप कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने समाज में पुरुषों और बेटों के व्यवहार पर गंभीर सवाल उठाए।
कार्यक्रम के मंच से केंद्रीय मंत्री ने सवाल उठाते हुए कहा आखिर समाज में ऐसी नौबत क्यों आई कि हमारी बेटियों को इस तरह की बात लिखनी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि अगर देश की बेटियां ही पुरुषों पर भरोसा नहीं कर पाएंगी तो समाज और देश आगे कैसे बढ़ेगा।
शिवराज सिंह चौहान ने आगे कहा कि बेटियों को गलत नजर से देखने वाले लोग अक्सर कोई अनजान व्यक्ति नहीं, बल्कि अपने ही जान-पहचान के होते हैं। इसलिए आज समाज के पुरुषों, बेटों और उनके माता-पिता को रुककर आत्ममंथन करने की सख्त जरूरत है। उन्होंने जोर देकर कहा कि बेटियों का सम्मान और सुरक्षा सिर्फ एक परिवार की नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
ड्राइवरों के बच्चों के लिए स्कॉलरशिप की घोषणा
इसी कार्यक्रम में शिवराज सिंह चौहान ने चालकों की मेहनत की सराहना करते हुए उन्हें देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताया। उन्होंने चालकों के मेधावी बच्चों के लिए छात्रवृत्ति योजना का ऐलान किया।
8वीं से 12वीं तक: 60 प्रतिशत से अधिक अंक लाने वाले विद्यार्थियों को 4000 से 4500 रुपये वार्षिक स्कॉलरशिप।
उत्कृष्ट प्रदर्शन: 90 प्रतिशत से अधिक अंक लाने वाले बच्चों को 5000 रुपये सालाना की मदद।
युवाओं को मामा कोचिंग क्लास का सहारा
शिक्षा और रोजगार के विषय पर बात करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने युवाओं को भरोसा दिलाया कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए जल्द ही मामा कोचिंग क्लास के जरिए मार्गदर्शन और सहायता उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि कोई भी बच्चा संसाधनों के अभाव में पीछे न छूटे।

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