मंत्री विजय शाह को मिला मोहन सरकार का ‘कवच’, कैबिनेट ने केस चलाने की नहीं दी मंजूरी

भोपाल। कर्नल सोफिया कुरैशी पर अपनी विवादित टिप्पणी को लेकर चौतरफा घिरे मध्य प्रदेश के जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह को मुख्यमंत्री मोहन यादव कैबिनेट का बड़ा सहारा मिला है। सूत्रों के मुताबिक मंगलवार को हुई राज्य कैबिनेट की गोपनीय बैठक में फैसला लिया गया है कि सरकार मंत्री विजय शाह के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति नहीं देगी।
मंगलवार को कैबिनेट की बैठक के दौरान जैसे ही मंत्री विजय शाह के मुद्दे पर बात शुरू हुई, सभी प्रशासनिक अधिकारियों को कमरे से बाहर जाने को कह दिया गया। इसके बाद मुख्यमंत्री, मंत्रियों और चुनिंदा शीर्ष अधिकारियों की मौजूदगी में इस संवेदनशील मुद्दे पर निर्णय लिया गया। सरकार का तर्क है कि मंत्री शाह इस मामले में कई बार सार्वजनिक तौर पर माफी मांग चुके हैं।
एसआईटी ने मांगी थी केस चलाने की अनुमति
उल्लेखनीय है कि 11 मई 2025 को महू में एक कार्यक्रम के दौरान मंत्री विजय शाह ने कर्नल सोफिया कुरैशी और ऑपरेशन सिंदूर को लेकर बेहद आपत्तिजनक बयान दिया था। इस मामले की जांच कर रही एसआईटी ने जांच पूरी कर भारतीय न्याय संहिता की धारा के तहत मंत्री पर केस चलाने की मंजूरी मांगी थी, जो लंबे समय से शासन के पास लंबित थी।
31 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में होनी है सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में सरकार की ढिलाई पर सख्त रुख अपनाते हुए पहले भी टिप्पणी की थी कि माफी मांगने में काफी देर हो चुकी है। कोर्ट ने सरकार को अपना रुख स्पष्ट करने का समय दिया था। अब 31 अगस्त को होने वाली अगली सुनवाई से ठीक पहले मध्य प्रदेश सरकार हलफनामे के जरिए सुप्रीम कोर्ट में अपना यह फैसला रखेगी।



