मुख्यमंत्री के सख्त निर्देश: जनहित के कामों में तेजी लाएं कलेक्टर, गांवों में करें रात्रि विश्राम

सीहोर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को मंत्रालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी कमिश्नर्स और कलेक्टर्स के साथ सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कलेक्टर केवल दफ्तरों तक सीमित न रहें, बल्कि वे जिलों में सघन भ्रमण करें, जनता की समस्याएं सुनें और गांवों में रात्रि विश्राम करें। इससे न केवल योजनाओं का मैदानी फीडबैक मिलेगा, बल्कि प्रशासन की साख भी बढ़ेगी।
सीहोर एनआईसी कक्ष से कलेक्टर बालागुरू के. जिला पंचायत सीईओ सर्जना और वन मंडलाधिकारी अर्चना पटेल सहित अन्य अधिकारी इस बैठक में शामिल हुए।
छोटे किसानों का गेहूं पहले खरीदें
गेहूं उपार्जन की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि मंडियों और खरीदी केंद्रों पर छोटे किसानों की उपज पहले खरीदी जाए और उन्हें समय पर भुगतान सुनिश्चित हो। उन्होंने कलेक्टर्स से कहा कि वे केंद्रों का खुद निरीक्षण करें। भीषण गर्मी को देखते हुए केंद्रों पर छाया, ठंडा पानी, बारदाना और ओआरएस घोल जैसी बुनियादी सुविधाएं अनिवार्य रूप से उपलब्ध होनी चाहिए।
सांदीपनि विद्यालयों का बढ़ेगा मान
शिक्षा के क्षेत्र में प्रदेश की उपलब्धि पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सांदीपनि विद्यालयों के कारण बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम सुधरे हैं। अब अभिभावक अपने बच्चों को निजी स्कूलों से निकालकर सरकारी स्कूलों में भर्ती करा रहे हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी सांदीपनि विद्यालयों में रैन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाया जाए और इस सफलता को राष्ट्रीय स्तर पर प्रचारित किया जाए। प्रदेश में स्कूल ड्रॉप आउट रेशियो जीरो होना एक बड़ी उपलब्धि है।
जल संरक्षण और पेयजल आपूर्ति
मुख्यमंत्री ने जल गंगा संवर्धन अभियान 19 मार्च से 30 जून तक पर जोर देते हुए कहा कि पुराने जल स्रोतों को पुनर्जीवित करना हमारी प्राथमिकता है। नगरीय निकाय अपने स्वच्छता अभियान को इस जल अभियान से जोड़े। गर्मी के मौसम में किसी भी क्षेत्र में पेयजल की किल्लत न हो, इसके लिए आवश्यकतानुसार टैंकरों की व्यवस्था और जल संरचनाओं के संधारण पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है।
धार्मिक स्थलों पर स्वास्थ्य सुविधाएं
स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर निर्देश दिए गए कि प्रदेश के सभी बड़े धार्मिक स्थलों पर कम से कम 50 बेड का अस्पताल होना चाहिए। साथ ही, सभी संभागीय मुख्यालयों में बर्न यूनिट्स स्थापित की जाएं और अस्पतालों में जरूरी दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित हो।
पांडुलिपियों के लिए ज्ञान भारतम ऐप
सांस्कृतिक धरोहरों को सहेजने के लिए मुख्यमंत्री ने ज्ञान भारतम ऐप का उल्लेख किया, जिसमें नागरिक पुरानी साहित्यिक और धार्मिक पांडुलिपियां अपलोड कर सकते हैं। उन्होंने इसके लिए जिला स्तरीय समितियों के गठन के निर्देश दिए।
कलेक्टर्स की होगी रैंकिंग
बैठक में मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि अब प्रदेश के सभी कलेक्टर्स के पिछले एक साल के कार्यों के आधार पर उनकी रैंकिंग की जाएगी। बेहतर काम करने वालों को पुरस्कृत किया जाएगा, जबकि प्रदर्शन में पिछडऩे वालों को सुधार के निर्देश दिए गए।



