ओंकारेश्वर में एकात्म पर्व का भव्य आगाज…

भोपाल। मध्य प्रदेश की आध्यात्मिक नगरी ओंकारेश्वर में आदि गुरु शंकराचार्य के प्रकटोत्सव के उपलक्ष्य में पांच दिवसीय एकात्म पर्व का गौरवमयी शुभारंभ हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस दिव्य उत्सव में सहभागिता की। कार्यक्रम की शुरुआत से पूर्व मुख्यमंत्री ने भोपाल के राजकीय विमानतल पर द्वारका पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती जी महाराज का आत्मीय स्वागत किया और उनसे आशीर्वाद प्राप्त किया।
राजकीय विमानतल पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूज्य पाद जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती जी महाराज का विधिवत अभिवादन किया। इस अवसर पर उन्होंने महाराज श्री को अंगवस्त्र और श्रीफल भेंट कर उनका सम्मान किया। मुख्यमंत्री ने इस भेंट को अपना सौभाग्य बताते हुए कहा कि संतों के सान्निध्य से ही जनकल्याण के कार्यों को नई ऊर्जा और दृष्टि प्राप्त होती है।
एकात्म धाम में भक्ति और वैचारिकता का संगम
मुख्यमंत्री के मुख्य आतिथ्य में एकात्म धाम, ओंकारेश्वर में आचार्य शंकर प्रकटोत्सव एकात्म पर्व की शुरुआत हुई। इस पांच दिवसीय आयोजन का मूल उद्देश्य आद्य गुरु शंकराचार्य की पावन स्मृति को नमन करना और अद्वैत वेदांत के सार्वभौमिक संदेश को जन-जन तक पहुंचाना है।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि इस उत्सव में सहभागिता करना उनके लिए न केवल एक राजकीय दायित्व है, बल्कि एक गहरा आत्मिक अनुभव है। उन्होंने कहा यह उत्सव भारत की सनातन सांस्कृतिक चेतना, समृद्ध आध्यात्मिक विरासत और एकात्म भाव के जागरण का एक दिव्य संगम है।
एक ही चेतना से ओत-प्रोत है सृष्टि
अद्वैत दर्शन की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए डॉ. यादव ने कहा कि आदि गुरु शंकराचार्य ने दुनिया को वह दर्शन दिया जो हमें यह अनुभूति कराता है कि समस्त सृष्टि एक ही चेतना से ओत-प्रोत है। अद्वैत का यह संदेश भेदभाव को मिटाकर संपूर्ण विश्व को एक सूत्र में पिरोने की शक्ति रखता है।
जन-जन तक पहुंचेगा संदेश
एकात्म पर्व के माध्यम से मध्य प्रदेश सरकार आदि गुरु शंकराचार्य द्वारा प्रतिपादित सांस्कृतिक एकता के सिद्धांतों को आधुनिक संदर्भ में प्रस्तुत कर रही है। महोत्सव के दौरान विभिन्न सत्रों में अद्वैत वेदांत की प्रासंगिकता पर विद्वानों के बीच मंथन होगा, ताकि नई पीढ़ी अपनी जड़ों और गौरवशाली आध्यात्मिक इतिहास से परिचित हो सके।



