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दिल्ली में एमपी के दिग्गजों का जमावड़ा: शिवराज, मोहन और प्रहलाद पटेल के बीच बड़ी बैठक

भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को दिल्ली में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात की। इस बैठक की खास बात यह रही कि पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल भी उनके साथ मौजूद थे। हाल के दिनों में मंत्रियों के बीच मतभेदों की खबरों के बीच, विकास के मुद्दों पर एकजुटता दिखाने के लिहाज से इस मुलाकात को काफी अहम माना जा रहा है।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ हुई इस उच्च स्तरीय बैठक में मध्य प्रदेश के किसानों के लिए तीन बड़े और क्रांतिकारी फैसले लिए गए हैं।
सरसों उत्पादकों को भावांतर का तोहफा: लंबे समय से अटकी पड़ी सरसों की खरीद पर भावांतर भुगतान योजना को केंद्र सरकार ने हरी झंडी दे दी है। अब सरसों उत्पादक किसानों को बाजार भाव और समर्थन मूल्य के बीच के अंतर की राशि सीधे उनके बैंक खातों में मिलेगी।
पूरी तुअर खरीदेगी सरकार: केंद्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्री को स्वयं स्वीकृति पत्र सौंपाए जिसके तहत अब प्रदेश के किसानों की 100 प्रतिशत तुअर फसल सरकार खरीदेगी। दलहन उत्पादन के क्षेत्र में इसे प्रदेश के लिए एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
2026 होगा किसान कल्याण वर्ष: केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जाएगा, जिसमें मध्य प्रदेश को विशेष प्राथमिकता मिलेगी। इस दौरान मूंगए उड़द और सोयाबीन जैसी फसलों पर विशेष फोकस रहेगा।
सियासी हलचल और एकजुटता का संदेश
पिछले दिनों बजट सत्र के दौरान मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के बयानों से उपजी अंदरूनी मतभेदों की चर्चाओं के बाद, यह बैठक काफी चर्चा में है। हालांकि कैलाश विजयवर्गीय भी दिल्ली में ही थे, लेकिन वे एक निजी विवाह समारोह में शामिल होने पहुंचे थे। मुख्यमंत्री की इस यात्रा और केंद्रीय मंत्रियों के साथ लगातार मुलाकातों को प्रदेश के विकास के लिए डबल इंजन सरकार की सक्रियता के तौर पर देखा जा रहा है।

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