भोपाल बनेगा राजनीति का केंद्र, एमपी, राजस्थान और छत्तीसगढ़ के युवा विधायक करेंगे मंथन

भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में आगामी 30 और 31 मार्च को तीन राज्यों के युवा राजनीतिज्ञों का बड़ा समागम होने जा रहा है। विधानसभा के विधान परिषद भवन में आयोजित इस युवा विधायक सम्मेलन में मध्यप्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ के विधायक शामिल होंगे। दो दिनों तक चलने वाले इस कार्यक्रम में संसदीय प्रणाली को मजबूत करने और विधायी कामकाज की बारीकियों पर विचार-मंथन किया जाएगा।
विधानसभा के प्रमुख सचिव अरविंद शर्मा के अनुसार सम्मेलन की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। इस कार्यक्रम में तीनों राज्यों के लगभग 70 से 80 युवा विधायक हिस्सा लेंगे। राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा सचिवालय से उन विधायकों की सूची मांगी गई है जो इस सम्मेलन का हिस्सा बनेंगे।
45 वर्ष से कम उम्र के चेहरों पर फोकस
इस सम्मेलन की सबसे खास बात यह है कि इसमें केवल 45 वर्ष से कम उम्र के विधायकों को ही आमंत्रित किया गया है। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर और प्रमुख सचिव खुद इस पूरी तैयारी की बारीकी से मॉनिटरिंग कर रहे हैं। इस पहल का उद्देश्य युवा जनप्रतिनिधियों को विधायी प्रक्रियाओं और जनसेवा के बेहतर तरीकों से रूबरू कराना है।
दिग्गज हस्तियां होंगी शामिल
सम्मेलन के उद्घाटन और विभिन्न सत्रों में कई बड़ी हस्तियों के शामिल होने की संभावना है। मुख्य रूप से लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला विशेष आमंत्रण, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय सहित राजस्थान और छत्तीसगढ़ के विधानसभा अध्यक्षों को भी इस कार्यक्रम के लिए न्योता भेजा गया है।



