ईरान-इजराइल युद्ध की मार, भोपाल में कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई रुकी, होटल-रेस्तरां संकट में

भोपाल। सात समंदर पार ईरान और इजराइल के बीच भडक़ी युद्ध की आग अब राजधानी के किचन तक पहुंच गई है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल और गैस की अनिश्चितता को देखते हुए ऑयल कंपनियों ने सोमवार से कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की डिलीवरी पर रोक लगा दी है। कंपनियों का कहना है कि उनकी पहली प्राथमिकता घरेलू उपभोक्ता हैं, ताकि आम जनता को रसोई गैस की किल्लत न हो।
मार्च का महीना शादियों और आयोजनों का पीक सीजन है। ऐसे में कमर्शियल सप्लाई पर अचानक लगी रोक ने होटल, रेस्तरां और मैरिज गार्डन संचालकों की चिंता बढ़ा दी है। भोपाल में रोजाना करीब 10 हजार कमर्शियल सिलेंडरों की खपत होती है। शहर के 2000 से ज्यादा छोटे-बड़े खान-पान केंद्र पूरी तरह इन्हीं सिलेंडरों पर निर्भर हैं। हालांकि राहत की बात यह है कि अस्पताल और शैक्षणिक संस्थानों को फिलहाल इस पाबंदी से मुक्त रखा गया है।
महंगे दाम के बाद भी सप्लाई नहीं
होटल संचालकों में इस फैसले को लेकर भारी नाराजगी है। संचालकों का कहना है कि हाल ही में कमर्शियल सिलेंडर के दाम 1773 रुपए से बढ़ाकर 1888 रुपए कर दिए गए थे। वे बढ़ी हुई कीमतें देने को तैयार हैं, फिर भी सप्लाई रोकना समझ से परे है। संचालकों ने सवाल उठाया है कि यदि ऐन शादियों के वक्त हलवाइयों के चूल्हे ठंडे पड़ गए तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी।
कंपनियों का तर्क,सुरक्षा ही प्राथमिकता
ऑयल कंपनियों के अधिकारियों के अनुसार वर्तमान में गैस का पर्याप्त स्टॉक है, लेकिन भविष्य में युद्ध के चलते ग्लोबल सप्लाई चेन बाधित होने की आशंका है। इसी सुरक्षात्मक कदम के तहत घरेलू सप्लाई को सुरक्षित रखने के लिए कमर्शियल गैस की डिलीवरी रोकी गई है। अब देखना होगा कि सरकार इस संकट का क्या समाधान निकालती है, ताकि शादी के सीजन में कारोबार प्रभावित न हो।



