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रिटायर्ड आईएएस अधिकारी राकेश अग्रवाल हत्याकांड का मुख्य आरोपी केयरटेकर वरुण आगरा से गिरफ्तार, भोपाल लाते वक्त भागने की कोशिश में पैर में लगी गोली

भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में चर्चित रिटायर्ड आईएएस अधिकारी राकेश अग्रवाल की हत्या के करीब एक महीने बाद पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। इस अंधे हत्याकांड के मुख्य आरोपी और केयरटेकर वरुण कुमार को पुलिस ने उत्तर प्रदेश के आगरा से गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद मंगलवार सुबह भोपाल लाते समय आरोपी ने पुलिस टीम पर हमला कर भागने की कोशिश की, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लग गई। घायल अवस्था में उसे इलाज के लिए हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
बता दें 30 सितंबर की रात हुई इस घटना के बाद से ही आरोपी वरुण फरार चल रहा था। उसकी तलाश के लिए भोपाल पुलिस की कई टीमें ग्वालियर, मथुरा, वृंदावन और पंजाब सहित विभिन्न राज्यों में लगातार दबिश दे रही थीं। जांच के दौरान उसके कुछ सीसीटीवी फुटेज भी सामने आए थे, लेकिन वह लगातार पुलिस को चकमा दे रहा था। आखिरकार लंबी मशक्कत के बाद उसे आगरा से दबोच लिया गया।

आरोपी पर था 50 हजार का इनाम
मामले की गंभीरता और गिरफ्तारी में हो रही देरी को देखते हुए पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने एक विशेष जांच दल का गठन किया था। इस एसआईटी की कमान पुलिस मुख्यालय में पदस्थ एआईजी उमेश तिवारी को सौंपी गई थी। पुलिस ने फरार आरोपी वरुण की सूचना देने या पकडऩे वाले के लिए 50 हजार रुपए का इनाम भी घोषित किया था।

आईएएस एसोसिएशन ने की थी सीएम से मुलाकात
रिटायर्ड आईएएस अधिकारी की नृशंस हत्या के बाद आरोपी के जल्द न पकड़े जाने का मुद्दा आईएएस एसोसिएशन द्वारा जोर-शोर से उठाया गया था। एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने पहले मुख्य सचिव और फिर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात कर मामले में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई की मांग की थी, जिसके बाद पुलिस दबाव में और अधिक तेजी से एक्टिव हुई थी।

30 सितंबर की रात घर में हुई थी हत्या
गौरतलब है कि गत 30 सितंबर की रात सूरज नगर स्थित उनके आवास पर रिटायर्ड आईएएस राकेश अग्रवाल की गला रेतकर निर्ममता से हत्या कर दी गई थी। अगली सुबह उनकी पत्नी निशी अग्रवाल ने कमरे में उनका शव देखा था। शुरुआती जांच में घर की अलमारियों का सामान बिखरा मिला था और किचन में एलपीजी सिलेंडर का पाइप भी निकला हुआ था, जिससे आशंका जताई गई थी कि हत्या के बाद घर में आग लगाकर सबूत मिटाने की साजिश रची गई थी।
वारदात के बाद से ही घर का केयरटेकर वरुण मुख्य संदिग्ध था। अब पुलिस उससे यह जानने का प्रयास कर रही है कि हत्या के पीछे लूटपाट का इरादा था या कोई और रंजिश और उसने फरारी के दौरान किन-किन लोगों से मदद ली थी।

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