सीहोर सब-रजिस्ट्रार ऑफिस का गजब कारनामा…

सीहोर। सरकारी दफ्तरों के ढर्रे से तो आप वाकिफ होंगे ही, लेकिन सीहोर के उप पंजीयक कार्यालय में तो हद ही पार हो गई है। यहां जमीन के कागजों के सौदागर यानी सब-रजिस्ट्रार महोदय शायद खुद आराम फरमाने के मूड में हैं, तभी तो उनकी कुर्सी का जिम्मा दो प्राइवेट लडक़ों ने संभाल रखा है।
जमीन खरीदना और बेचना आम आदमी के लिए जिंदगी की सबसे बड़ी पूंजी का सौदा होता है, जिसके दस्तावेज बेहद गोपनीय और संवेदनशील होते हैं। लेकिन सीहोर के इस दफ्तर में इन नियमों को ताक पर रख दिया गया है।
आलम यह है कि ये निजी युवक धड़ल्ले से कंप्यूटर पर रजिस्ट्री के कागजात खोलकर देख रहे हैं, दस्तावेजों की जांच कर रहे हैं और तो और जमीन खरीदने-बेचने आने वाले लोगों के फोटो खींचने और आंखों की आइरिस (आंखों की पुतली) स्कैन करने जैसे बेहद गोपनीय और कानूनी काम भी यही प्राइवेट कर्मी कर रहे हैं। नियम कहते हैं कि यह पूरी जिम्मेदारी अकेले सब-रजिस्ट्रार की है, लेकिन यहां तो कानून की किताब ही बदल दी गई है। चर्चा है कि इन दोनों को खुद सब-रजिस्ट्रार भारती काहोड़ ने ही काम पर रखा है।
स्क्रीन अंदर, जनता बाहर, पारदर्शिता पर भी सवाल
कार्यालय में आने वाले आम लोगों का गुस्सा तब फूट पड़ा जब उन्होंने देखा कि कंप्यूटर की स्क्रीन अंदर की तरफ कर्मचारियों के पास है, जबकि पारदर्शिता का नियम यह कहता है कि एक स्क्रीन बाहर जनता की तरफ भी होनी चाहिए ताकि लोग देख सकें कि क्या हो रहा है। यहां तो जनता सिर्फ धक्के खाने और इन प्राइवेट बाबुओं की मर्जी देखने के लिए मजबूर है।
साहब बोले, जांच कराएंगे
जब इस हाई-वोल्टेज खेल की भनक जिला पंजीयक प्रेमनंदन सिंह तक पहुंची तो वह भी सकते में आ गए। उन्होंने दो टूक शब्दों में माना कि प्राइवेट लडक़ों से सरकारी काम कराना पूरी तरह नियमों के खिलाफ है। मामले की गंभीरता से जांच कराई जाएगी।



