प्रशासनमध्यप्रदेश

एम्बुलेंस रैली निकाल अस्पताल संचालकों ने जताया विरोध, 8 अक्टूबर से आयुष्मान योजना बंद करने की चेतावनी

भोपाल। आयुष्मान भारत योजना के तहत किए गए इलाज का भुगतान अटकने और क्लेम निरस्त किए जाने से नाराज निजी अस्पताल संचालकों का विरोध अब सडक़ों पर उतर आया है। 8 अक्टूबर से प्रस्तावित प्रदेशव्यापी अनिश्चितकालीन बहिष्कार से पहले सोमवार को भोपाल में अस्पताल संचालकों ने अपने-अपने अस्पतालों के बाहर आयुष्मान योजना बंद के बैनर लगाए और शहर में एम्बुलेंसों का बड़ा काफिला निकालकर शक्ति प्रदर्शन किया।
आईएमए मध्यप्रदेश के अध्यक्ष डॉ. बीएम शरणागत ने चेतावनी दी है कि यदि 8 अक्टूबर तक समस्याओं का ठोस समाधान नहीं हुआ तो प्रदेशभर के अस्पताल संचालक करीब 1000 एम्बुलेंसों के साथ दिल्ली स्थित प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर कूच करेंगे।
प्री.ऑथराइजेशन के बाद क्लेम रिजेक्ट करना गलत
यूपीएचडीए के चेयरमैन डॉ. जीशान अहमद और उपाध्यक्ष डॉ. धनंजय मिश्रा के अनुसार मरीज का इलाज कैशलेस होता है, लेकिन दवा, आईसीयू, ऑक्सीजन और डॉक्टरों के खर्च वास्तविक होते हैं। जब इलाज से पहले प्री.ऑथराइजेशन मिल जाता है तो बाद में तकनीकी कारणों से क्लेम रिजेक्ट करना या बड़ी कटौती करना अस्पतालों के लिए आर्थिक संकट पैदा कर रहा है।
प्रमुख मांगें…
पारदर्शी प्रक्रिया: केवल तकनीकी या प्रक्रियागत कमियों के आधार पर भुगतान न रोका जाए। क्लेम रिजेक्शन का लिखित कारण दिया जाए।
एनएबीएच अनिवार्यता: अस्पतालों में एनएबीएच को अनिवार्य करने के बजाय स्वैच्छिक व इंसेंटिव आधारित बनाया जाए।
समीक्षा और समय सीमा: लंबित क्लेमों का नियमित निपटारा हो और पैकेज दरों की नए सिरे से समीक्षा की जाए।

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!