एमपी में मिशन नशामुक्ति और दूध क्रांति पर बोले अमित शाह, हम विरोध का हिसाब देने आए हैं, कांग्रेस का पलटवार

भोपाल। मध्य प्रदेश की राजनीति में शनिवार का दिन बेहद हलचल भरा रहा। राजधानी भोपाल में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने राज्य को वर्ष 2029 तक पूरी तरह नशामुक्त करने का बड़ा संकल्प लिया। इसके साथ ही उन्होंने प्रदेश के विकास, गो-संवर्धन और डेयरी क्षेत्र को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं की सौगात दी। दूसरी ओर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सरकार की नीतियों और प्रदेश की आर्थिक स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े किए।
भोपाल के भेल दशहरा मैदान में 11 जिलों से आए लगभग 35 हजार गोपालकों के विशाल सम्मेलन को संबोधित करते हुए गृह मंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर पशुपालकों के कल्याण के लिए प्रतिबद्धता से काम कर रही हैं। कार्यक्रम में गो-संवर्धन की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए पंजीकृत गोशालाओं में संरक्षित गोवंश के रखरखाव के लिए 101 करोड़ रुपये की राशि डीबीटी के माध्यम से जारी की गई।
प्रमुख विकास परियोजनाएं
उज्जैन डेयरी प्लांट: उज्जैन में 255 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले अत्याधुनिक डेयरी प्लांट का वर्चुअली भूमिपूजन किया गया।
आईआईएसईआर अत्रि परिसर: केंद्रीय मंत्री ने भौंरी स्थित भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान में अत्रि परिसर का शिलान्यास किया और परिसर में स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा का अनावरण भी किया।
75 साल बनाम 10 साल का हिसाब
मंच से कांग्रेस पर सीधा निशाना साधते हुए अमित शाह ने कहा कांग्रेस के लोग हमारा विरोध करते हैं, लेकिन मैं आज उन्हें हिसाब देने आया हूं। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि आजादी के 75 सालों में देश में दूध का कुल उत्पादन 14 करोड़ 7 लाख टन तक ही पहुंच पाया था, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीते 10 वर्षों में यह बढक़र 25 करोड़ टन हो गया है।
वर्ष 2014-15 में प्रति व्यक्ति दूध की उपलब्धता 307 ग्राम थी, जो अब 58 प्रतिशत बढक़र 485 ग्राम प्रतिदिन पहुंच गई है। उन्होंने फोकस किया कि देश के शीर्ष 5 दूध उत्पादक राज्य उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्रकृसभी भाजपा शासित हैं।
31 दिसंबर 2029 तक मध्य प्रदेश होगा नशामुक्त
गृह विभाग और पुलिस प्रशासन की समीक्षा बैठकों का जिक्र करते हुए शाह ने मध्य प्रदेश के अभिभावकों और माताओं को भरोसा दिलाया कि सरकार राज्य को नशे के जाल से पूरी तरह मुक्त करने के लिए ठोस रणनीति पर काम कर रही है। उन्होंने ऐलान किया कि 31 दिसंबर 2029 तक मध्य प्रदेश को पूरी तरह नारकोटिक्स-मुक्त बना दिया जाएगा, जिससे युवाओं का भविष्य सुरक्षित और उज्ज्वल होगा।
जीतू पटवारी का पलटवार, ष्सांची डेयरी का निजीकरण क्यों
दूसरी तरफ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सरकार के दावों पर सवाल उठाते हुए सीधा हमला बोला। पटवारी ने कहा कि जो सांची डेयरी लगातार लाभ में चल रही थी, उसे निजी हाथों में क्यों सौंपा जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि ग्रामीण समितियों का अंशदान लगातार कम हो रहा है और प्रदेश में गायों की संख्या घटने के बावजूद दूध उत्पादन बढऩे का अजीब गणित दिखाया जा रहा है। जीतू पटवारी ने यह भी दावा किया कि प्रदेश में मुख्यमंत्री और मंत्री आपस में उलझे हुए हैं, जबकि सरकार कर्ज लेकर हवाई जहाज और हेलिकॉप्टर खरीद रही है, जिसका बोझ आम जनता पर पड़ रहा है।



