864 किमी दूर तेलंगाना तक पहुंची पुलिस तफ्तीश, सुलझा अंबर नदी का कत्ल का राज

सीहोर। जिला पुलिस ने अपनी कार्यकुशलता और आधुनिक जांच प्रणाली का परिचय देते हुए अंबर नदी में मिली अज्ञात युवती की हत्या की गुत्थी सुलझा ली है। पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार शुक्ला के सटीक मार्गदर्शन और भैरुन्दा पुलिस की मुस्तैदी के चलते ही यह संभव हो पाया कि सीहोर से करीब 864 किलोमीटर दूर तेलंगाना हैदराबाद तक जाकर हत्या की कडिय़ा जोड़ी गईं और आरोपियों को बेनकाब किया गया।
पुलिस के अनुसार अंबर नदी के पास 25 फरवरी को जब युवती का शव मिला था, तब उसकी पहचान करना नामुमकिन लग रहा था। कोई सुराग न होने के बावजूद एसपी दीपक कुमार शुक्ला ने इसे चुनौती के रूप में लिया। उनके निर्देश पर न केवल राज्य के सभी जिलों में रेडियो मैसेज भेजे गए, बल्कि सोशल मीडिया और आधुनिक तकनीकी संसाधनों का भरपूर उपयोग किया गया। पुलिस की इसी सक्रियता का परिणाम रहा कि हैदराबाद के साइबराबाद तेलंगाना में दर्ज एक गुमशुदगी रिपोर्ट का मिलान सीहोर में मिली लाश से हो गया।
हैदराबाद की राजीना का धोखे से कत्ल
पुलिस जांच में सामने आया कि मृतिका राजीना बेगम हैदराबाद की बिग बास्केट कंपनी में पैकिंग का काम करती थी। वहीं काम करने वाले नीतेश यादव निवासी माखन नगर के साथ वह लिव-इन में रह रही थी। आरोपी नीतेश की सगाई कहीं और होने के कारण विवाद बढ़ा, जिसके बाद आरोपी ने उसे रास्ते से हटाने की साजिश रची। वह उसे हैदराबाद से अपने गांव लाया और गला दबाकर हत्या कर दी। साक्ष्य मिटाने के लिए आरोपी और उसके भाई ने बाइक से शव लाकर भैरुन्दा की अंबर नदी में फेंक दिया था।
तकनीक से मिली सफलता
एसडीओपी रोशन कुमार जैन और थाना प्रभारी घनश्याम दांगी की टीम ने 864 किलोमीटर दूर हैदराबाद पुलिस के संपर्क में रहकर युवती के भाई से पहचान कराई। महज 20 दिनों के भीतर असम निवासी युवती की शिनाख्त कर हत्या का केस दर्ज करना सीहोर पुलिस की एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
जीरो पर दर्ज हुआ मामला
जांच में यह साफ हुआ कि हत्या की मूल घटना नर्मदापुरम के माखननगर की है। सीहोर पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए जीरो पर एफआईआर दर्ज कर डायरी संबंधित थाने को सौंप दी है।


