पॉलिटिकल तड़कामध्यप्रदेश

नया और हाईटेक होगा मोहन सरकार का हवाई सफर…

भोपाल। मध्यप्रदेश की मोहन सरकार अब आकाश की ऊंचाइयों में भी हाइवे बनाने की तैयारी में है। राज्य सरकार अपने हवाई बेड़े को पूरी तरह बदलने और अपग्रेड करने जा रही है। सरकार के बेड़े में जल्द ही करीब 225 करोड़ का अति आधुनिक एयरबस एयसीएच 160 हेलिकॉप्टर और करीब 350 करोड़ का लग्जरी बॉम्बार्डियर चैलेंजर-3500 जेट विमान शामिल होने जा रहा है।
नए विमानों की डिलीवरी के साथ ही प्रदेश में एयर कनेक्टिविटी का एक नया और मजबूत नेटवर्क तैयार किया जा रहा है, ताकि मुख्यमंत्री और वीआईपी सीधे राज्य के कोने-कोने तक तेजी से पहुंच सकें।
अब सीधे गंतव्य तक पहुंचेंगे पीआईपी, हर 50 मिी पर हेलिपैड
वर्तमान में प्रदेश में करीब 250 हेलिपैड हैं। अब सरकार अगले दो सालों में 63 नए हेलिपैड बनाने का लक्ष्य लेकर चल रही है। सरकार की योजना हर 50 किलोमीटर के दायरे में एक हेलिपैड तैयार करने की है। अभी वीआईपी को पहले विमान से बड़े एयरपोर्ट पहुंचना होता है, फिर सडक़ मार्ग या हेलिकॉप्टर से आगे जाना पड़ता है। नया नेटवर्क बनने के बाद संबंधित जिले या क्षेत्र में सीधे उतरने का विकल्प मिलेगा।
हवा में सुरक्षा और रफ्तार, जानिए नए मेहमानों की खासियत
– एयरबस एसीएच-160 हेलिकॉप्टर, कीमत- 225 करोड़
– क्षमता 2 पायलट, 9 यात्री, अधिकतम 10 यात्री।
रफ्तार और रेंज: 155 नॉट क्रूज स्पीड और लगातार 4 घंटे 30 मिनट उड़ान भरने की क्षमता।
खासियत: इसमें हाई-टेक कैमरे और आधुनिक एवियोनिक्स तकनीक लगी है। इसकी डिलीवरी इसी साल नवंबर में प्रस्तावित है।

बॉम्बार्डियर चैलेंजर-3500 जेट, कीमत 350 करोड़
क्षमता: 2 पायलट, 9 यात्री।
रफ्तार और रेंज: 870 किमीध्घंटा की क्रूज स्पीड और 3500 समुद्री मील की रेंज बिना रुके लंबी दूरी का सफर
खासियत: एमपी सरकार की जरूरत के हिसाब से लग्जरी इंटीरियर तैयार किया गया है। इसके संचालन के लिए एमपी के दो वरिष्ठ पायलट कनाडाई ट्रेनिंग भी पूरी कर चुके हैं।
चुनौती: 20 हवाई पट्टियों के विस्तार पर खर्च होंगे 400 करोड़
नया बॉम्बार्डियर जेट मिड-साइज का है, जिसके लैंडिंग के लिए कम से कम 1800 मीटर आदर्श 2100 मीटर लंबे रनवे की दरकार है।
मौजूदा स्थिति: प्रदेश के 28 एयरफील्ड में से फिलहाल सिर्फ 10 जगहों पर 7 एयरपोर्ट और 3 हवाई पट्टियां ही यह जेट उतर सकता है।
हवाई पट्टियों का विस्तार: मंदसौर नौलखा बीड, सिवनी और कान्हा मंडला को छोडक़र प्रदेश की ज्यादातर हवाई पट्टियां छोटी हैं। यहां तक कि सतना का नया रनवे भी 1300 मीटर का है।
तैयारी: नागरिक उड्डयन विभाग ने 20 हवाई पट्टियों के विस्तार के लिए सभी जिला कलेक्टरों से जमीन की जानकारी मांगी है। इस विस्तार पर करीब 300 से 400 करोड़ खर्च होने का अनुमान है।
किराए के सालाना 70 करोड़ बचेंगे
फिलहाल सरकार के पास 2011 में खरीदा गया 13 साल पुराना एयरबस ईसी 155 बी-1 हेलिकॉप्टर है, जिसके मेंटेनेंस पर भारी खर्च आ रहा है। पिछले ढाई सालों में सरकार को किराए के विमान और हेलिकॉप्टर पर औसतन 60 से 70 करोड़ सालाना खर्च करने पड़ रहे थे। नया बेड़ा आने के बाद किराए का यह बड़ा वित्तीय बोझ हमेशा के लिए खत्म हो जाएगा।

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!